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////—- ये कैसी कशमकश है —-////

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Hindi Poetry

ये कैसी असमंजस है /
ये कैसी कशमकश है /

कोई बात खास है /
दिल उदास है /
किसका है तुझको इंतजार ,
किसने है छोड़ा साथ है /
कोई राज तो न इसमें है /
ये कैसी कशमकश है /

देख्ने ना उसको जब तलक /
तब तक निहारेगी पलक /
जग की खुशियाँ मिल जाये ,
पा जाये उसकी एक झलक /
ये बात सिर्फ उसमे है /
ये कैसी कशमकश है /

खोया तो ना कोई मीत है /
दिल ने तो ना पाली प्रीत है /
भेद क्या दिल का छुपाना ,
ये तो जग की रीत है /
ये दिल ना अब बस में है /
ये कैसी कशमकश है /

इंदौर के एक काम्प्लेक्स के बाहर काफी देर से खड़ी एक खुबसुरत ओरत के हावभाव देख मेरा मन गुनगुनाने लगा और परिणाम एक गीत.. जो आपसे साझा कर रहा हूँ …तात्कालिक है इसलिए गलतियाँ संभव है …..

3 Comments

  1. Vishvnand says:

    अच्छी तात्कालिक काव्यमय अभिव्यक्ति है
    पर लगता है कसमकस सही शब्द नहीं शायद कशमकश सही है
    पर इससे क्या फर्क पड़ता है ?

  2. Narayan Singh Chouhan says:

    बहुत बहुत आभार विश्व्नान्दजी …

    • Vishvnand says:

      @Narayan Singh Chouhan
      शुक्रिया
      निवेदन है कि आप भी जब जब अपनी रचनाएँ यहाँ शेयर करें अन्य मेम्बरों की कुछ पोस्ट की हुई रचनाएं भी पढ़कर उनपर अपने कमेन्ट जरूर दें, इसमें ही share करने का आनंद और वास्तविक हेतु भी समाया है

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