« »

हम भी है प्यार में. . .

1 vote, average: 3.00 out of 51 vote, average: 3.00 out of 51 vote, average: 3.00 out of 51 vote, average: 3.00 out of 51 vote, average: 3.00 out of 5
Loading...
Hindi Poetry

रेशम से उसके बाल है,
दूर से देखता हूँ तो लगता है…
जैसे सोने के तार है; (१)

आँखों में जैसे उसकी बिजली चमकती है,
चलती है तो कोई अप्सरा लगती है; (२)

कितनी मीठी है बाते उसकी,
सुना था कल… लेकिन,
लगता है आज ही सुनी है; (३)

जब भी उसे सोचता था,
तो नींद से उठ जाता था;
जब उसे देखा तो पता चला,
कि… कभी सोया ही नहीं था; (४)

उसकी एक झलक देखने के लिए
मै कितना बेताब था…!
उसे देखा तब पता चला,
शायद… उसके लिए ही मै जीता था; (५)

उसे पाना ही मेरा सपना है,
उसे पा कर ही ज़िन्दगी जीने में मज़ा है; (६)

दुःख कभी मिले ना उसे, बल्कि…
मेरा सुख भी मिल जाए उसे;
जीवन में रब से यही तो एक दुआ है,
कि… वो जो चाहे, मिल जाए उसे; (७)

यह सुन कर तुम्हे भी लगेगा……
“मिलन है प्यार में – जुदाई है प्यार में,
ख़ुशी है प्यार में – ग़म है प्यार में,
जीत है प्यार में – हार है प्यार में,
दुआ है प्यार में – दर्द है प्यार में,
हमे सब कुछ पता है, लेकिन क्या करे…?
हम भी है प्यार में…!”

-अमित टी. शाह (Mas)
25th Februry 2012

2 Comments

  1. Vishvnand says:

    अच्छा प्रयास और रचना
    मनभावन
    पर लगा जैसे “जैसे” की जरूरत नहीं है

    आँखों में उसके बिजली चमकती है,
    चलती है तो कोई अप्सरा लगती है;

    हु = हूँ बल्के = बल्कि

Leave a Reply