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हैप्पी* दिवाली

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Hindi Poetry

 

जलना

बुजना

जल  कर,  बुजना

बुज  कर,  जलना

~

बस  यही

चार  आकांक्षाएं  थी

हम  दोनों  के  बीच . .

 

3 Comments

  1. Vishvnand says:

    सुन्दर भावपूर्ण अर्थ लिए “बूझने” वाली पंक्तियाँ
    मनभावन अंदाज़ , बहुत भाया

    याद आ गयीं
    आजकल मैंने देखी हुई मोमबत्तियां
    जो कोशिश कर बुझा दो
    तो भी फिर जल उठती हैं
    जोश में शायद पहले से भी ज्यादा …

  2. s.n.singh says:

    a sort of lean poem with profound meening

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