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“तुमसा नहीं देखा…”

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Hindi Poetry, Uncategorized

(इस बार कविता नहीं, कुछ और ही लिखने की चाह हुई, ज़रूरत इसलिए क्योंकि वो शख्सियत ही कुछ ऐसी हैं…चलिए नाम भी बताये देता हूँ…उनका नाम है “शमशेर राज कपूर”, यानी पचास से सत्तर के दशक के फ़िल्म जगत के महान अभिनेता हमारे शम्मी कपूर साहब, न सिर्फ़ फ़िल्म जगत  बल्कि इन्टरनेट क्रांति में भी उनका अभूतपूर्व योगदान रहा…21 अक्टूबर 1931 में मुंबई में जन्मे और हाल ही में 14 अगस्त को 79 की उम्र में मुंबई के ही ज़मीं-आसमाँ में विलीन हो गए…ऐसी महान शख्सियत को सलाम…)

 

दिल नहीं करता मुहब्बत बार-बार,

आज-कल के बच्चे क्या समझें इश्क-प्यार?

कहते थे दद्दू हमारे देख शम्मीजी को यार….

इस याहू का न कोई इलाज है प्यारे,

यही तो इश्क का बुखार है प्यारे…

 

चाहे कोई कहता रहे हमें अब “जंगली”,

मिट्टी में मिल चले, धुएँ के संग उड़े…

याद आयेंगे सुनहरे पल, जो साथ मिले तेरे,

वो था बड़ा दिलदार, जांबाज़ आदमी,

लगती है फ़िल्मी दुनिया में अब कोई कमी…

 

मगर यही है ज़िंदगी की तपती हुई राह,

पूरी कहाँ है होती हर किसी की चाह?

“जीवन ज्योत” ने जगाई बॉलीवुड में नयी ज्योत,

वो कहलाया कभी “जानवर”, मिली “कश्मीर की कलि”,

“एहसान” तेरा तूने उतारे “चोर बाज़ार” के सब “नकाब”,

भारत का एल्विस प्रेस्ली, “तुमसा नहीं देखा”,

 

“दिल देके देखो” तो समझ में आएगा,

“राजकुमार” तुमसा नहीं, क्या थे तेरे “अंदाज़”,

पान पराग का थामा हाथ, तो बना दिया शाही,

“ईवनिंग इन पेरिस” तो कभी “चाइना टाउन” में “ब्रह्मचारी”!?,

न देखा होगा ऐसा “पगला कहीं का”…

 

“विधाता” को भी पता नहीं मंज़ूर क्या था?

“रोकस्टार” (2011) तक ये सितारा रहा छाया,

खानों (सलमान खान) के बने दादा, रहे फिर भी बन उस्ताद,

जब ढली उम्र बने बिग बी के भी बाप,

भाई वाह! शम्मीजी आप तो हैं आप…

 

वाह शम्मीजी आप तो हैं आप…

 

(Picture Design & Concept by Praveen Sharma)

6 Comments

  1. Raj says:

    सुन्दर श्रद्धांजलि

  2. Vishvnand says:

    वाह . अतिसुन्दर श्रद्धांजलि
    इस बॉलीवुड के प्रेमवीर को
    अर्थपूर्ण और मनभावनी .
    रचना के लिए बहुत बधाई

    हुए celluloid पर वैसे तो प्रेमवीर अनेक
    पर हमने अपनी जवानी में “इन सा नहीं देखा”
    इनका “जंगली” देख हम लोगों ने भी था इन सा बनना चाहा ….
    पर शम्मी कपूर जी सा न किसीको हीरो बनना आया न आवेगा…

  3. kusumgokarn says:

    Praveenji,
    Enjoyed immensely your versified tribute to Shammi Kapoor the matinee idol stringing together some of his memorable films..
    All my family members adore Shammiji and are thrilled by his unique talent and style. He was lucky to get some of the best hit songs picturised on him and to act with almost all the leading actresses of Hindi filmdom.
    Kusum

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