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मेघों के देवता

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Hindi Poetry


मेघों के देवता

मेघों के देवता,
बरसाई है तूने आज जोरों से बरसात,
बुझा न पाएगी ये मेरे तन  की आग,
न मिट पाएगी मेरे मन की प्यास,
तू लेजा इसे मेरे पिया के पास.

झूम कर बरसा दे पूरे प्यार के साथ,
बरसा दे उसपर सतरंगों की बरसात,
खिल उठे उसका तन मन,
झूम उठे उसका जिया.

बरसा  दे उसकी दुनियां  में प्यार ही प्यार,
भर
दे उसके दामन में खुशिओं का भण्डार ,
बरसा 
दे उस पर कामयाबियों  की बौछार,
कर दे अपनी
मेहरबानियाँ उसके जीवन में अपरंपार.
जसपाल कौर   15/7/11   6:30pm

2 Comments

  1. Vishvnand says:

    Good poem penned meaningful
    last stanza very touching & graceful

  2. s.n.singh says:

    bhavukta bhari kavita priy par sab kuchh nichhavar karne ki utkantha vyakt karti hui.

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