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कविवर कालिदास

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Hindi Poetry

ज्ञान सूर्य का हुआ उदय तो सुधरा कल और आज
कुरीतिया मिट गई विकसित हुआ समाज
अशिक्षा के अन्धकार में अत्याचारी करते राज
साक्षरता के ज्ञान यज्ञ से सुधर गए सब काज
जुड़ा हुआ मालव माटी से सुनहरा इतिहास
अनपढ़ से विद्वान् बने थे कविवर कालिदास

3 Comments

  1. s n singh says:

    sundar.

  2. Vishvnand says:

    सुन्दर अभिव्यक्ति की ये बात
    मन को है बहु भायी ख़ास
    बधाई
    Stars 4

  3. Harish Chandra Lohumi says:

    सत्य वचन !

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