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अब नहीं…

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Hindi Poetry

आज कल आतंकवाद और भ्रस्टाचार के मूल देश में उस कदर फ़ैल चुके है की आज हमें चंद्रशेखर आज़ाद, शहीद भगत सिंह, नेताजी – सुभाष चन्द्र बोस जैसे देश भक्तो की तरह आवाज़ के साथ साथ हथियार उठाने का वक़्त आ गया है…!
अब तो हर इंसान देश का यही आवाज़ दे रहा है , “अब नहीं…”
(यह सिर्फ मेरी ओर से एक तीखी प्रतिक्रिया है और कुछ नहीं. इस रचना से मै यह बिलकुल जाताना नहीं चाहता हु कि हम हथियार अपने हाथों में उठा ले.)
जय हिंद…!

अब नहीं चाहिए मरहम हमें…
और नहीं चाहिए कोई गम…
आतंकवाद से बचा लो बस,
अब तो यही चाहते है हम…!

अब नहीं बनना है दर्दी हमें…
और नहीं चाहिए झूठी हमदर्दी…
पुलिसवालों से मेरी शिकायत है,
अगर आतंकवाद को रोक नहीं पा रहे हो आप
तो फिर उतार दो यह वर्दी…!

अब नहीं सहेंगे हम…
अब नहीं कहेंगे हम…
अभी भी वक़्त है ,सुधर जाओ नेता लोग
वरना चमड़ी उखेडके रखदेंगे हम…!

अब नहीं रुकेंगे हम…
अब तो उनको रोकेंगे हम…
अगर भ्रस्टाचार की आग किसीने दोबारा लगाई,
तो उसी आग में उसे जलाएंगे हम…!

नेता, तुमने बहुत भौंक लिया,
लेकिन अब काटेंगे हम…
अगली बार हम पर आंच भी आई,
तो लेकर हथियार हाथो में बारी बारी
एक एक कर सब को ठोकेंगे हम…!

नहीं रुकने का जझ्बा हमारा,
हमारे लिए ही अब बन गया है सबक…
लेकिन अब हमें रुकना होगा,
और सिखाना होगा अब उन्हें सबक…!

अब नहीं चाहिए मरहम हमें…
और नहीं चाहिए कोई गम…
आतंकवाद से बचा लो बस,
अब तो यही चाहते है हम…!

Jay Hind…!

-Amit T. Shah (M.A.S.)
18th July 2011

5 Comments

  1. Vishvnand says:

    बहुत खूब….

    अरे भाई, ऐसी क्या बात है, इतने क्यूँ नाराज हैं…
    हम सब आपके लिए ही तो यहाँ चुन कर आये हैं
    और आपके लिए ही तो यहाँ कुर्सी पर विराजमान हैं
    आपको भ्रष्टाचार और आतंकवाद से बचाना ही हमारा नारा है
    और हर बार हम अपनी गरीबी को ही हटाने तन मन से जुटे हैं
    जनता आप मत घबराइये, धीरज रखिये हम सब ख़तम किये बिना नहीं छोड़ेंगे ….

    • amit478874 says:

      @Vishvnand, Thank you Sir for your such a nice comments. आप ने बहुत सच कहा , “हर बार हम “अपनी” गरीबी को ही हटाने तन मन से जुटे हैं”…!

  2. dil se dil tak says:

    आपने जो कहा वो सब सही था , अब हमें आगे आना ही होगा , ऐसे ही लिखते रहे , अच्छा लगा

    जय हिंद जय भारत

    • amit478874 says:

      @dil se dil tak, आप का तह दिल से सुक्रिया…! मुझे इसी बात का अफ़सोस है, कि हम लोग सब सच कहते तो है लेकिन करते नहीं, या फिर आप कह सकते हे करने देते नहीं….!

  3. amit478874 says:

    आप का तह दिल से सुक्रिया…! मुझे इसी बात का अफ़सोस है, कि हम लोग सब सच कहते तो है लेकिन करते नहीं, या फिर आप कह सकते हे करने देते नहीं….! 🙂

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