« »

‘ पिता – ईश्वर का वरदान ‘

0 votes, average: 0.00 out of 50 votes, average: 0.00 out of 50 votes, average: 0.00 out of 50 votes, average: 0.00 out of 50 votes, average: 0.00 out of 5
Loading...
Hindi Poetry

    ‘ पिता – ईश्वर का वरदान  

 

‘पिता’ 

है ईश्वर का रूप ,

है पावन एक धूप ,

है स्नेह भरा संबल ,

है खुशियों का नभतल ,

है प्यार जिनका अमूल्य ,

है रिश्ता वो अतुल्य ,

है जिनसे मेरी पहचान ,

ईश्वर का वो है वरदान !

 

– सोनल पंवार

 

 

3 Comments

  1. siddhanathsingh says:

    bahut khoob.

  2. Vishvnand says:

    अति सुन्दर रचना बहुत मन भायी
    पिता के प्रति आस्था और प्यार का सन्मान
    आप और आपके पिता दोनों भाग्यवान
    रचना पढ़कर यही हुआ अनुमान…
    हार्दिक बधाई

Leave a Reply