« »

मन के सारे रंग भरे सपनों से जिसे सजाया

2 votes, average: 4.00 out of 52 votes, average: 4.00 out of 52 votes, average: 4.00 out of 52 votes, average: 4.00 out of 52 votes, average: 4.00 out of 5
Loading...
Hindi Poetry

 

_________________________________

मन के सारे रंग भरे सपनों से जिसे सजाया

गढी खूब छबि स्मृतियों ने दिल में जिसे बसाया

इक-दूजे से रही शिकायत इक-दूजे समझाया

प्यासा रहा प्यार पर क्यों संदेह सदा रह आया

झूठ दिलासे आंसू झूठे झूठी सारी कसमें

रहा भ्रमित जाना न कभी थी बहलाने की रस्में

मरा मिटा जिसपर दिल उसने ही मारा तरसाया

टुकड़े-टुकड़े किये लिया रस खेला खूब सताया

तरस रही तू तरस रहा मैं इक-दूजे तरसाए

दहकी और प्रणय-ज्वाला क्यों जितना हम टकराए

प्राण लिये इक-दूजे क्यों इक-दूजे प्राण समाए

बिन इक-दूजे रहे अधूरे नयन बरस क्यों आए

नोचा भिड इक-दूजे फिर दिल क्यों रह-रह पछताया

क्या क्यों कैसा रिश्ता मेरा-तेरा बूझ न पाया

नफ़रत रश्क दुश्मनी की रस्में इंतिहा निभाईं

छूटा तनिक न शेष मगर तब आँखें क्यों घिर आईं

किन जन्मों से जुडी गाँठ क्यों क्या तुझसे है नाता

भिड मर मिट तरसे पछता हम कौन सोच रह आता

क्रूर नियति की छलना ठगिनी भूल रहूँ कह रोता

बिंधा तुझी से हरजाई पर दामन रहा भिगोता

तरसा खूब प्राण ले मेरे दिल बहला तू प्यारी

पर कह इतना संग न तडपी मेरे तू दिल हारी

प्यासा-प्यासा मन तरसे बिन देखे रूप तुम्हारा

पास रहे बेचैन दूर क्यों कर किस्मत ने मारा

होठ सिले चीखे पर कोई हंसता भी रोता है

बूझ न पड़े तनिक जाने पर क्यों कुछ-कुछ होता है

कहा न जाए क्या रहस्य यह कौन इसे सुलझाए

जाने लिपट मिलें कब हम सारा संसार भुलाए

प्रेम न भाषा की परिभाषाओं में कभी समाया

गूंगे का गुड़ मौन मिटा चख रस उसने ही पाया

सीमा तन-मन की संकरी पर है ब्रह्मांड समाया

सृष्टि अमर रच जाती है नाज़ुक सी नन्ही काया

_________________________________

5 Comments

  1. Vishvnand says:

    बहुत भावपूर्ण अभिव्यक्ति
    रचना भी बहुत सुन्दर
    अति मनभावन
    हार्दिक बधाई

    “सीमा तन-मन की संकरी पर है ब्रह्मांड समाया” …..सन्दर्भ में बहु सुन्दर अर्थपूर्ण

  2. s.n.singh says:

    sunder kavita.

  3. santosh bhauwala says:

    अति मनभावन रचना बधाई !!

  4. santosh bhauwala says:

    अति मन भावन रचना बधाई !!

  5. santosh bhauwala says:

    good one

Leave a Reply