« »

प्यारी बच्ची

0 votes, average: 0.00 out of 50 votes, average: 0.00 out of 50 votes, average: 0.00 out of 50 votes, average: 0.00 out of 50 votes, average: 0.00 out of 5
Loading...
Hindi Poetry

कितनी प्यारी बच्ची हैं हमारी कुछ घबराई सी कुछ डरी सी कुछ सिमटी सी है वो दो राहें पे खड़े हो के सोचती है ..

फिर वो आसान राह पे चलती है …

एक राह पे चलती है दूसरी को देखती है ..

मंजिल किस राह पे है उसकी उसे फिक्र नहीं क्यूंकि अब मंजिल नही बस रास्तों पे उसे चलना है ..

कभी कभी अपनी चप्पल आसान राह पे उतार के वो लौटती है ..

वो दुसरे राह की तड़प को देखती है .. जो उसे बुलाता है जैसे कहता है रास्तों से नही मंजिल से प्यार करो ..

वो चलना चाहती है आगे बढती है नंगे पाँव पर रुक जाती है उन कांटो को देख केर जो चुभते है दर्द देते है ..

वो डरती है वो रोती है वो भागती है … वो मासूम सी लड़की फिर आसान राह पे चलती है ..

फिर वो आसान राह पे चलती है … एक राह पे चलती है दूसरी को देखती है ..

मंजिल किस राह पे है उसकी उसे फिक्र नहीं क्यूंकि अब मंजिल नही बस रास्तों पे उसे चलना है ..

कभी कभी अपनी चप्पल आसान राह पे उतार के वो लौटती है ..

वो दुसरे राह की तड़प को देखती है .. जो उसे बुलाता है जैसे कहता है रास्तों से नही मंजिल से प्यार करो ..

वो चलना चाहती है आगे बढती है नंगे पाँव पर रुक जाती है उन कांटो को देख केर जो चुभते है दर्द देते है ..

वो डरती है वो रोती है वो भागती है … वो मासूम सी लड़की फिर आसान राह पे चलती है ..

7 Comments

  1. siddha Nath Singh says:

    duhraav ka tatprya samajh n paya. kavita achchhi lagi.

  2. एक सुन्दर और संवेदनशील रचना , मन को छूने वाली – बधाई

  3. abhinav says:

    @siddhnath singh ..shukriya…. duhrav ki koi wajah nahi thi ye bas galti thi ..

  4. abhinav says:

    @Swayam Prabha Misra..
    बहुत बहुत शुक्रिया ….

  5. abhinav says:

    @Swayam Prabha मिश्रा
    बहुत बहुत शुक्रिया

  6. amit mishra says:

    bhaiji dil ko chhu lene vali kavita hai aapki

  7. amit mishra says:

    abhinav ji dil ko chhune vali kavita thi ye.

Leave a Reply