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Anna Hazare

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Apr 2011 Contest

भ्रश्टाचार के विरोध में – अन्ना हज़ारे

भ्रश्टाचार कोई लता नहीं अब
दानव सा, बरगद बन चुका है……..

गहरी मोटी जड़े असंख्य……..
हर पल लीलने को आतुर,
डाक्टर, व्यापारी, नेता या पंडित ,
इससे कोई नहीं बचा है……….

दूध में पानी, मिर्ची में गोबर,
पीछे छूट गया यह कब का,
जीवन रक्षक दवा में अब तो,
स्वार्थ का विश भरा है………..

अर्थ की चाहत में सब नंगे,
बेच के बेटी, पद किया हासिल,
लाभ मिलेगा उसको भी तो,
कहते…बुरा कहाँ किया है………….

देश-प्रेम………कागज़ की बातें,
अब, कागज़ पर सुन्दर लगती है,
फल-फूल, अर्थ-मेवे बिना तो,
पूजा भी फीकी लगती है……..

त्याग तपस्या कुर्बानी का
कोई न मोल बचा है……….
भ्रश्टाचार कोई लता नहीं अब
दानव सा, बरगद बन चुका है……..

तब…..

नेहरू टोपी, छोटी काया,
दुर्बल हाथों ने, भारी बीड़ा उठाया,
जन-जन की पीड़ा निरख कर
जिसका अंतर्मन कुम्हलाया,

सोने की चिड़िया के सौदागरों को,
सबक सिखाने अन्ना हज़ारे आया,
अनशन और सत्याग्रह का जिसने,
गाँधीवादी कदम बढ़ाया……….

राह कठिन है, दूर है मंजिल,
जड़ से उखाड़ना बेहद मुश्किल,
दृढ़ निश्चय की टाँगी लेकर,
भ्रश्टाचार मिटाने आया…..

अन्ना हज़ारे आया………..

सुधा गोयल ’नवीन‘

22 Comments

  1. Vishvnand says:

    वाह वाह
    उत्कृष्ट, बहुत ही सुन्दर रचना
    हर भाव और अभियक्ति का प्रभावी कहना
    रचना पढ़ आनंद से धन्यवाद का उत्स्फूर्त है उभरना …
    हार्दिक अभिवादन

    • sudha goel says:

      धन्यवाद विश्वनंद जी,
      आप जैसे सह्रदय पाठक की प्रशंसा मेरे लिए बहुत कीमती है. हादिर्क धन्यवाद!
      सुधा गोयल

  2. Harish Chandra Lohumi says:

    जन-जन के कुम्हलाये अंतर्मन की पीड़ा,
    और अन्ना हजारे का सत्याग्रही कदम,
    बहुत अच्छी रचना .
    बधाई ! नवम्बर २०१० के बाद आज आपकी रचना पढ़ने को मिली.
    संभव हो तो मंच पर रचनाओं की आवृत्ति बढाएं, प्रसन्नता होगी .

    • sudha goel says:

      आपको मेरी रचनाओं की प्रतीक्षा रहती है जानकार अतीव हर्ष हुआ. भविष्य में जल्दी जल्दी पढ़ने का अवसर दूँगी. हार्दिक धन्यवाद!
      सुधा गोयल

  3. ashwini kumar goswami says:

    बहुत अच्छा मनभावन एवं सही लेखन है ये, बधाई ! इसी प्रकरण में कृपया
    मेरी इंग्लिश कविता “Re-toasting stale cakes” अवश्य पढ़ें और समीक्षा
    करें ! ४* * * * !

    • sudha goel says:

      आपकी कविता का शीर्षक उत्सुकता जगाने वाला है. बधाई व् धन्यवाद!
      सुधा गोयल

  4. medhini says:

    Congratulations, the winner- Sudha.

  5. parminder says:

    बहुत बढ़िया! अत्यंत सुन्दर विचार लदी चली है! जीत की भी बहुत-बहुत बधाई!

  6. Jaspal Kaur says:

    congratulations.

  7. Dr. Manoj Bharat says:

    viteta hone ki badhai swikaren

  8. Ritual says:

    बहुत सुन्दर शब्दों की श्रंखला है आंटी जी 🙂

    मुझे बहुत पसंद आया …अन्ना हजारे के सवाल करारे 🙂

  9. Akshay says:

    MAUSI NAMASTE

    YOU HAVE WRITTEN A VERY APPROPRIATE POEM FOR TODAY’S TIME. I HOPE MORE PEOPLE READ IT. REALLY PROUD OF YOU.

    AKSHAY

  10. Manju agrawal says:

    Dear Sis,
    I am so proud of you and myself that i am sister of a great poet who writes from the heart and reaches the masses. May God take you to greatest heights.

  11. prete and mihika says:

    i am very happy that you are becoming a shining star of Hindi jagat keepitup

  12. prete and mihika says:

    I am very happy that you are becoming a shining star of hindi jagat. keep it up.

  13. अन्ना के आज के आन्दोलन के बीच आपकी कविता पढने को मिली ,एक बूढ़े के हाथ में आपने देखी है छोटी सी टांगी,
    मैंने देखी है आपकी छोटी सी कविता में तलवार की धार,
    और झाँका है आपके अंदर एक आन्दोलन ,
    ऐसे ही लिखते रहिये निश्चित होगा परिवर्तन ,
    भारत को जो बनना चाहिए बनेगा ,
    भले ही भ्रष्टाचारियों के साथ एक युद्ध ठनेगा,
    तपस्वी अन्ना और बाबा रामदेव को मिली प्रताड़ना अब खाली नहीं जाएगी
    अब भारत उचाईयों को नहीं ,उचाईयां भारत को पायेगी |madhu

  14. prashant paliwal says:

    बहुत सुन्दर लगा ये काव्य पढ़ कर ..आप इसी तरह लिखती रहिये बदलाव जरुर होगा

  15. vishal says:

    बहुत ही सुन्दर रचना है!

  16. Narayan Harne says:

    The power of the words like a weapon

  17. padma mishra says:

    सुधा दी ,आपकी कविता बहुत बहुत अच्छी लगी, आखिर मैंने यहाँ भी आपको धुंध ही लिया. ऐसे ही लिखती रहिये, मै औपचारिकता के शब्द क्या बोलूं?मैं जानती हूँ की आप कविता की ”कालिदास” हैं. मन को छू ले जो पंक्तियाँ वह सुधा दी के अलावा और कौन हो सकता है?बधाई!….आपकी -पद्मामिश्रा

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