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“एक जिंदगी”

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Hindi Poetry

अधूरी कहानी बयां करती पूरी एक जिंदगी,

खुशियों की चाह लिए गम में डूबी एक जिंदगी,

अपने वजूद को तलाशती एक जिंदगी,

गुमनामियों के भंवर में भटकती जिंदगी,

ख्वाहिशों की चादर तले सिमटती जिंदगी,

सुलझनों की चाह में उलझती एक जिंदगी,

जीने की चाह में दम तोडती एक जिंदगी……………

राजश्री राजभर…..

12 Comments

  1. Vishvnand says:

    वाह
    बढ़िया अंदाज़ .
    रचना मन भायी

    और जीने की चाह में दम तोड़े बिना चलती हर जिन्दगी

  2. siddha nath singh says:

    achchhi si kavita.

  3. U.M.Sahai says:

    सुंदर कविता, राजश्री जी.

  4. chandan says:

    बहुत सुन्दर अल्लाह करे जोरे कलम और ज्यादा

  5. Reetesh Sabr says:

    राजश्री आपकी पिरोअन में ऐसी कई जिंदगियों का बाना है जो पहले भी इस दौर से गुजरी होंगी और आज भी गुज़र रही हैं..विडंबनाओं में ही जाने क्यों कविता खूबसूरत लगती है…

  6. sushil sarna says:

    भावनाओं के सागर में डूबी रचना-अंतर्व्यथा का सुंदर चित्रण – बधाई

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