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कैसे करें Rating और कमेन्ट भाई ….!

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Hindi Poetry

कैसे करें Rating और कमेन्ट भाई ….!

रचना पर कमेन्ट तो आया पर ऐसा आया

रचना पढ़ फ़लाने शायर का शेर याद आया
फिर  वह  शेर  भी  लिख  दिया

रचना  पढ़  मेरी  रचना  की  पंक्तियाँ  याद  आयीं
और  वो  अपनी  पंक्तिया  भी  लिख  दीं

रचना पढ़  भगवदगीता का  ये  श्लोक  याद  आ  गया
और  वह  श्लोक  लिख  दिया

कमेन्ट के बाद  रचना  को  कोई  rating भी  नही  दिया

पढ़नेवाले  तो  समझ  गए  आपकी  poetry  में  रुची  और  memory  भी
पर  रचना  लिखनेवाला मेंबर  क्या  समझे  आपको  रचना  कैसी  लगी

कमेन्ट  में  जो  अच्छी  बात  लगी  वो  भी  बताना  है
जो  गल्तियाँ  हैं  उनका  भी  उल्लेख  करना  है
रचनाकार को सही दिशा में प्रोत्साहित रखना है

खुद  की  तरफ  से  rating देने  में  यह  बात  अपनेआप  में  समायी  रहती  है
इसीलिये  हर  पढी  रचना  को  बिन  भूले  rating  देना  सही  रहता  है …
फिर  आप  कमेन्ट  देने  में  ज्यादा  स्वतंत्र  रह  सकते  हैं  यही  मेरा  मानना  है
और  यही  Rating  के  महत्त्व के बारे  में  समझाना  बार  बार  मेरा प्रयास रहता है

हर मेंबर का यहाँ औरों की रचनाएँ पढ़ उनपर Rating और कमेन्ट देना महत्वपूर्ण है
अपना interest  सिर्फ अपनी ही रचनाओं के कमेन्ट और rating तक सीमित रखना नहीं है …

कमेन्ट  पर  मुझे  इक  मजे  की  बात  याद  आई
मेरी  बेटी  ने  अपने  घर  श्री गणेश जी की  इक  सुन्दर  मूर्ति  लाई
गणेशजी  की  मूर्ति  देख  मेरी छोटी प्यारी नाती  अनन्या  बोल  पड़ी
“अरे  ये  भगवान  गणपती जी  का  पेट  तो  मेरे  आजोबा ( नानाजी) के पेट  जैसा  है “,
मैंने  जान  लिया  ये  कमेन्ट  मेरे  नाती  की  गणपती जी  की  प्यारभरी  प्रशंसा  थी …..!

” विश्वनंद “

7 Comments

  1. Harish Chandra Lohumi says:

    बहुत अच्छी विस्फोटक रचना.
    एक ज्वालामुखी सी.
    जिसमें रत्न तो छिपे ही हैं,
    पर हो सकता है कोई धमाका भी 🙂

    • Vishvnand says:

      @Harish Chandra Lohumi
      प्रतिक्रया के लिए धन्यवाद.
      ये रचना विस्फोटक कतई नही है, भले आप इसे अतिरेकी कहें क्यूंकि इसमें Rating का अतिरेक सा हो गया है.
      पर क्या करें, जाने क्यूँ मैंने मन ही मन सोच रखा है कि हर रचना को कम से कम ५ मेम्बरों ने Rating देनी चाहिए और तब ही average Rating रचनाकार के लिए रचना के स्तर का सही feedback होगा और मेम्बर्स इस activity में involve हों यही मन से प्रयास है…ये उतना difficult भी नही है पर प्रयास अब तक सफल नहीं हो रहा है… 🙁

  2. U.M.Sahai says:

    १००% सही बात कही है आपने, विश्व जी, पर lighter vein में कुछ लाइने लिख रहा हूँ, आशा है आप इसको अन्यथा नहीं लेंगे.
    रेटिंग का बार-बार, न तू इसमें ज़िक्र कर
    कविता को लिख और भूल जा, रह मस्त, ग़म न कर.
    मिल भी गयी जो रेटिंग, तो होगा इससे क्या
    दिल होगा खुश या जलेगा, पर कर सकेगा क्या.
    बेहतर तो है कि तू, अधिक कमेन्ट की चाह कर
    गुण-दोष का पता चले, कविता बने बेहतर.

    • Vishvnand says:

      @U.M.Sahai
      आपकी बात कुछ हद तक सही है पर पूरी नहीं.
      problem यही है कि मेरी बात unfortunately lighter vein में ली जा रही है. Rating के बारे में जो मैं समझता हूँ नवोदित authors के लिए जो अपने passion for poetry के साथ इस साईट पर अपनी रचनाये पोस्ट करते हैं बहुत जरूरी बात है.
      दुःख होता है जब नवोदितों की रचनाओं पर न कमेन्ट दिया जाता है न rating भी जिससे वो समझ तो सकें कि उनकी रचना का स्तर क्या है और सही दिशा में आगे बढ़ें. और हां यह मेरी अस्वस्थता moderator के रूप में है ना कि खुद इक मेंबर के रूप में.

      पहले पहले नया था तब मेरा भी यही ख्याल था कि Rating से कमेन्ट ज्यादा महत्त्व रखता है पर अब मुझे ऐसा नहीं लगता. आप कई कमेन्ट पढ़िए उससे author को पता ही नही चलता कि उसकी रचना का स्तर क्या है जब तक रचना पर rating न दी हो.
      मेरे हिसाब से यह साईट उन मेम्बरों के लिए जो ज्ञानी कवि हों कम उपयोगी है पर जो नवोदित हैं उनके लिए ज्यादा उपयोगी है जो अपनी कवितायें शेयर कर जानना चाहते हैं कि वाचको को ये कैसी लगी और किस स्तर की लगी. रचना पर मिली average rating से और जो भी कमेन्ट आये उससे authors अपनी art of poetry में improve करने की कोशिश करते हैं, passion for poetry का आनंद लेते हुए..
      मेम्बरों को सिर्फ अपनी रचनाये पोस्ट कर उनपर जो कमेन्ट आये उनको धन्यवाद देने तक ही साईट में अपना interest सीमित रखना मेरे ख़याल से ठीक नही है. जो जितनी ज्यादा कवितायें पोस्ट करते हैं उन्हें उतना ही ज्यादा औरों की रचनाएँ पढ़ कर उनको rating करना और कमेन्ट करने का ज्यादा उत्तरदायित्व होना चाहिए ये मेरा मानना है.
      क्युंकि रचना पर average rating बहुत कुछ कह जाती है, कमेन्ट के बदले कम समय लेती है मेरा प्रयत्न और अनुरोध है कि मेम्बर्स कमेन्ट दें न दें पर रचना पढ़ें और उनपर अपनी rating जरूर दें. कमेन्ट कर rating दें तो और भी अच्छी बात है. किसी रचना पर अगर ५ मेम्बेर्स ने rating दी हो तो average rating रचना के स्तर का उचित अनुमान हो सकता है…
      आपके कमेन्ट ने मुझे मेरे ये ख्याल लिखने प्रवृत कर दिया. आप से भी अनुरोध है कि आप इसे अन्यथा न लें और शायद आप भी मेरे इस observation से सहमत हों..

    • Vishvnand says:

      @U.M.Sahai
      अब देखिये आपके इस कमेन्ट से मुझे समझ नहीं आया कि आपको इस पोस्टिंग का स्तर रचना के हिसाब से कैसा लगा.
      रहना के हिसाब से ये poor है, या needs improvement या good है . 🙂

  3. मेरे प्यारे दोस्तों माता भाई बहनों अर्ज़ है आदाव मेरा पेश करता हूँ कलाम ख़त पड़ने से पहले आप सभी को मोहम्मद सलीम कुरैशी का सलाम जिस किसी की जो भी समस्या हो बोह मुझे ईमेल करे “जैसे किसी को कोई परेशांन करता हो कोई दहेज़ मांगता हो आदमी ओरत को या ओरत आदमी को गुंडा शरीफ को लड़का लड़की को लड़की लड़के को या दुकानदार ग्राहक को आद समस्याओं के समाधान हेतु मुझे ईमेल करें और किसी को जिससे भी जो परेशानी हो चाहें बोह रिश्तेदार हो या गैर उसका नाम उसके पिता का नाम उसका पता और उसका मोबाइल नंबर लिखकर भेजे मेरा ईमेल है salimpainter@yahoo.in शुल्क फीस मात्र २२५ रुपए मेरा खाता नंबर है 35110100001070 बैंक ऑफ़ बड़ोदा अल्लाह के कर्म से दोबारा कभी परेशां नहीं करेगा

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