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पुरानी किताबें !

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Hindi Poetry

आज जब मैं अपनी अलमारी साफ कर रहा था,

मुझे कॉलेज के प्रथम वर्ष की एक पुस्तक मिली ,

लग रहा था काफ़ी समय से मौन सी पड़ी थी,

अकेली ,गुम- सुम,तन्हा,पुरानी यादो से सजी थी!

मैने देखा तो लगा की कह रही हो “ कैसे हो तुम” ,

कभी इतने करीब थे अब कहाँ हो गये हो गुम,

मेरी भी आँखे उसपे आ के थम गयी थी,

एक हल्की सी धूल की परत उसपे जम गयी थी!

मैने बड़े प्यार से उसे निकाला और पहला पन्ना खोला,

जिस पे मैने बड़ी खूबसूरती से अपना नाम लिखा था,

अभी तो बस एक कठिन सी पढ़ाई शुरू हुई थी,

फिर भी खुद को “डॉक्टर” लिख कर संबोधित किया था !

कुछ पन्ने पलटे तो चहेरे पे मुस्कान सी छा गयी ,

“जाग जाओ प्यारे” लिखा देख कर हँसी आ गयी,

ये तब लिखा था जब परीक्षा थी और मुझे नींद आ रही थी,

कोर्स जल्दी ख़तम करने की चिंता मुझे सता रही थी!

वो बड़ी बड़ी लाइने कई रंगो की मैने लगाई थी,

कही- कही अजीब सी नक्कासी मैने बनाई थी,

ज़रूरी चीज़े  याद रहे इसलिए नोट मैने चिपकाए थे,

जल्दी रिविजन कर सकूँ यही सोच कर लगाए थे!

आगे बढ़ा तो मेरे चहेरे पे उदासी आ गयी ,

एक सूखे फूल के पंखुड़ी कुछ याद दिला गयी ,

ये फूल “पोलीयो” से ग्रसित एक बच्ची ने मुझे दिया था,

जिसने बड़े प्यार से मुझे “दोस्त भैया” कहा था!

फिर एक कार्ड मिला और मैं परेशान हो गया,

चंद पल के लिए किसी की यादों मे खो गया,

ये कार्ड संजय ने “सॉरी” लिख तब मुझे दिया था,

जब एक छोटी सी बात पर हमने खूब झगड़ा किया था!

ये पूरानी किताबें भी बड़ी कीमती धरोहर होती हैं,

कुछ खट्टी-मिट्टी हसीन यादें इनमे छुपी होती हैं,

कभी यू ही ये जब हमारे हाथ लग जाती हैं,

जीवन मे एक हल्की सी खुशी हमे दे जाती हैं!

डॉक्टर राजीव श्रीवास्तवा

8 Comments

  1. Harish Chandra Lohumi says:

    बहुत सही लिखा है राजीव जी ! बधाई !!!
    नब्ज़ टटोलने,दिलों की धड़कन सुनने और चेहरों को पढ़ने से फ़ुर्सत मिले तो किताबों को पढा जा सकता है ना ।
    और क्या-क्या मिला किताब के बीच में 🙂

  2. Vishvnand says:

    इक अलग से अंदाज़ की सुन्दर रचना.
    मनभावन;. बधाई
    कभी कभी जो प्यारा अपनी दिल की किताब में लिखा हुआ गुल हो जाता है
    वो अचानक ऐसी पुरानी किताबों के साक्षात्कार से फिर लिख लिया जाता है …

  3. dr.ved vyathit says:

    अपनी आत्म कथा को बड़े सुंदर अंदाज में बयाँ किया है
    भुत २ बधाई

  4. Rachana says:

    पूरानी किताबें या पुरानी किताबें 🙂

  5. Lucas says:

    Thanks for that! It’s just the answer I nedeed.

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