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तू मेरे घर की खिड़की पे आना

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Hindi Poetry

तू मेरे घर की खिड़की पे आना

 

चुटकी चुटकी चुटकी बजाना,

तू मेरे घर की खिड़की पे आना,

दिल दीवाना तुझे पुकारे जाने जाना ।

 

तन्हाई में जब-जब मुझको तेरी याद सताये,

जी करता है तू आ जाये बाँहों में भर जाये,

प्रीत का चुम्बन इन होंठों पे साजन तू दे जाना,

                                     चुटकी चुटकी चुटकी बजाना ।

 

मेरे दिल की प्यासी धड़कन मन ही मन घबराये,

कहीं प्यार को इस दुनियाँ की नज़र नहीं लग जाये,

अपने   वादे   चुपके-चुपके   तू पूरे कर जाना,

                                          चुटकी चुटकी चुटकी बजाना ।

 

बन के दुल्हनिया मेरे साजन, मैं तेरे घर आऊँ,

तू बन जाये मेरा जोगी, मैं जोगन बन जाऊँ ,

तेरे बिन अब इस दुनियाँ में क्या है सजना,

                                 चुटकी चुटकी चुटकी बजाना ।

 

चुटकी चुटकी चुटकी बजाना,

तू मेरे घर की खिड़की पे आना,

दिल दीवाना तुझे पुकारे जाने जाना ।

***** हरीश चन्द्र लोहुमी

8 Comments

  1. rajivsrivastava says:

    kya khoob chutki bajai hai harish ji- dil ke jazbaato ka andaze bayan bahut khoob hai-badahai

    • Harish Chandra Lohumi says:

      @rajivsrivastava, चुटकी में इस मनभावन प्यार भरी प्रतिक्रिया को देने का हार्दिक शुक्रिया राजीव जी ! सस्नेह आभार !

  2. Vishvnand says:

    गीत सुहाना, सुन्दर रचना, भाव बड़ा मनमाना
    समझाओ ना क्या है “चुटकी चुटकी चुटकी बजाना ।

    अति सुन्दर गीत की हार्दिक प्रशंसा और बधाई

    • Harish Chandra Lohumi says:

      @Vishvnand, हार्दिक आभार और धन्यवाद सर !
      प्रेमी के आने की एक चुटकी ही काफ़ी होती है सर ! जो प्रेमिका के दर्द को मिटा देती है चुटकी में ! 🙂

  3. U.M.Sahai says:

    एक अच्छी चुटकी भरी रोमांटिक कविता, बधाई, हरीश जी. मज़ा आ गया.

    • Harish Chandra Lohumi says:

      @U.M.Sahai, हार्दिक धन्यवाद सहाय साहब ! वास्तव में पसन्द आयी या यूँ ही चुटकी ले रहे हैं 🙂

  4. siddha Nath Singh says:

    चुटकी चुटकी में मधुर गीत बना दिया हरीश जी.

    • Harish Chandra Lohumi says:

      @siddha Nath Singh, आपकी चुटकी भर प्रशंसा चोटी पर पहुँचने का आभास करा देती है एस एन साहब ! सह्रदय आभार ।

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