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दिल ने मेरे मुझे कहा

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Hindi Poetry
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दिल ने मेरे मुझे कहा चलो कुछ लिखा जाये
नीर की स्याही बहुत है आज कुछ रचा जाये

चित्र जो बिखरे से है और कुछ धुँधले से है
बटोर कर उन सभी को आज फिर रंगा जाये

आरजुएँ जो टूटी मरोड़ी इर्द गिर्द मेरे पड़ी
जोड़ कर इनके सिरों को आज थोडा कसा जाये

तब पुराने अधजले से स्वप्न मुझको याद आये
हाँथ देखो कपकपाये कैसे इनको लिखा जाये

याद आये वादे सभी पुरे और कुछ आधे सभी
टीस तब दिल मै उठी कैसे इसको सहा जाये

आगया हूँ छोड़ कर उसके सपनो का महल
माँ मेरी बैठी हुई है लौट के कब लला आये

वक़्त है आजा अभी लौटके तूँ अपने घर
तेरी दुनिया है यहाँ तूँ जाने कहाँ-कहाँ जाये

भावनाएं घुल गई फिर मेरी सच्चाइयों मै
और ये रचना बनी है, क्या इसे अब कहा जाये

दिल ने मेरे मुझे कहा चलो कुछ लिखा जाये
नीर की स्याही बहुत है आज कुछ रचा जाये

-अभिषेक

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15 Comments

  1. s.n.singh says:

    सुन्दर ,बस एक छंद में तुक जाये की बजाय आये हो गयी,थोडा छंद दोष आ गया

  2. Vishvnand says:

    रचना सुन्दर लगी
    और बहुत मन भायी
    पढ़ मन ने कहा ऐसा लिखा जाय
    बधाई

  3. renukakkar says:

    सुन्दर रचना लिखी है

  4. rajiv srivastava says:

    rachna bahut sunder hai.kuch shabd sahi type nahi hue hai–kripya sahi kar le.badahai

  5. amit478874 says:

    Good Poem..! Rating speak more than comments…!

  6. Tushar Mandge says:

    सुन्दर भाव से बंधी कविता…
    बधाई!!!!!

  7. Vishvnand says:

    इस रचना को अबतक 14 वाचकों ने पढ़ा है 6 ने कमेन्ट दिया है पर सिर्फ 3 ने Rating किया है 🙁

    • Abhishek Khare says:

      @Vishvnand, सर अब क्या कर सकते है | आप तो पूरा प्रयास कर रहे है की मेम्बर रेट करें |

  8. prachi sandeep singla says:

    itzz toooooooooooooooooooo good 🙂

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