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क्यों Rating करने में उदासीनता ….?

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Hindi Poetry, Uncategorized

क्यों Rating  करने  में  उदासीनता ….?

मालूम  नहीं  p4poetry पर  ऐसा  क्यूँ  है
कवितायें  पोस्ट  की  जाती  हैं, देते  मेम्बर्स  rating नहीं  हैं ….
मेम्बर्स  तो  अपनी  कविता  करते  हैं  पोस्ट
बाट  देखते  हैं   क्या  rating  देंगे कविता  को  दोस्त
कितनों  ने  पढी  इसकी  तो  समझ जाते  गिनती
Rating  बहुत  कम  या  कोई  नही  देते  ये  बात  बड़ी  खलती

क्या  तकलीफ  rating  में  है  समझ  नहीं  आता
मेम्बरों  को  तो  जो  रचना  पढी  वो कैसी  लगी
ये ही  तो  सिर्फ  Rating कर दिखाना होता …..

“1 स्टार”  रचना  को  जो  कुछ  ठीक  पोस्ट  करने  के  दर्जे  की  न  लगे (poor )
“2 स्टार”  जिस  रचना  में
सुधार की  जरूरत  लगे  ( Needs Improvement )
“3 स्टार” जो  रचना
ठीक और अच्छी  सी  लगे  (Good )
“4 स्टार”  जो  रचना  बहुत  अच्छी  लगे  (Very Good )
“5 स्टार” जो  बहुत  अच्छी  और  बहुत  काबिलेतारीफ  लगे  (Outstanding)

हरेक  वाचक  मेंबर  को  रचना  जैसी  लगी
वैसे  ही  अपने  हिसाब  से  न्याय  करना  होता
और  स्टार  Rating पर उचित स्टार क्लिक करना होता
rating की  तो  हर  रचनाकार  उत्सुकता से बाट  देखता
जितने  ज्यादा  मेम्बर  rating दें
उतना  ही  Average rating रचनाकार  को  feedback  उचित  होता
और  अपनी  rating रचनाकार  को  नहीं,  रचना  को  देना  है  होता
कोई हिचकिचाहट नहीं होनी चाहिए और rating देना कर्तव्य भी है अपना
छोटे बड़े  सब रचनाकार ये  जानते, और  बाट देखते क्या rating पाती अपनी रचना

रचना  पर  अपने  हिसाब  से  rating  देना  इतना  सरल  है
पर  समझ  नहीं  आता  मेम्बर्स  क्यूँ  rating करने  उदासीन  हैं,
जो p4poetry साईट के लिए इक तरह अफ़सोस की भी बात है
इस  कारण  ही  लिखी  है  ये  पोस्ट  कि कुछ समझें  तो  भला
Rating न  देने  का  क्या  कारण  है  जो  मेम्बरों को नहीं भाता
और  मेम्बर्स  को  rating करने  से  रोक  रहा
जब कि  हर मेंबर  को  rating करना  और  हो सके कमेन्ट  देना
सब  के  लिए  Passion for poetry में  बहुत  महत्त्व  रखता ……

” विश्वनंद ”

12 Comments

  1. Vishvnand says:

    मेरा हर मेम्बर से आग्रह है कि Rating के बारे में अपने विचार यहाँ जरूर प्रगट करें,. क्यूंकि अपनी और औरों की भी passion for poetry के प्रति ज्यादा से ज्यादा मेम्बरों ने पढी हुई कविता पर (जो समझ में आये) अपने हिसाब से rating करना यहाँ अपना इक कर्तव्य सा है; ये मेरा खुद का मानना है ….
    आशा करता हूँ की अब rating करने वाले मेम्बरों में काफी इजाफा होगा जो साईट के लिए बहुत जरूरी और healthy होगा और है भी….

  2. renukakkar says:

    हम तो करते है कमेंट्स और रेटिंग्स भी..

    • Vishvnand says:

      @renukakkar
      बहुत अच्छे. और ये हमें आपके बारे में मालूम भी है .
      ऐसा ही अपने सब मेम्बर्स अपनी poems पोस्ट करने के साथ अन्य रचनाएँ भी पढ़ें और उनपर rating और हो सके तो कमेन्ट भी दें तो अपनी p4poetry साईट poetry की प्यारी activities से अच्छी खासी फूले फलेगी ये मेरा विश्वास है और सब मेम्बरों को यहाँ participation का बहुत मजा आता रहेगा …

  3. amit478874 says:

    प्रणाम सरजी…! काफी दिनों के बाद p4p पर आ कर के बड़ा अच्छा लगा. आप यूँ ही ढेर सारी कविताएँ लिखते रहे और हमें प्रेरणा देते रहे यही मेरी इश्वर से प्रार्थना रहेंगी. आप के अंदाज़ आप के विचारों से मै बिलकुल सहमत हूँ. .!

    • Vishvnand says:

      @amit478874
      भले पधारे.
      अब अपनी रचना पोस्ट करते समय या वैसे ही जब जब p4p पर आया कीजिये अन्य मेम्बर जनों की रचना पढ़ उसपर rating तो जरूर और जब हो सके कमेन्ट भी दीजिये, जैसा आप करते थे.
      परीक्षा समाप्त हो गयी क्या ?

  4. Harish Chandra Lohumi says:

    “क्या तकलीफ rating में है समझ नहीं आता
    मेम्बरों को तो जो रचना पढी वो कैसी लगी
    ये ही तो सिर्फ Rating कर दिखाना होता …..” यही तो अपनी समझ में भी नहीं आता सर ! वैसे आपका यह मिशन काफ़ी असरकारक सिद्ध हो रहा है । सभी माननीय सदस्यों को इस योगदान के लिये बधाई और शुभकामनाएँ !
    वैसे भी हमारे P4P परिवार के सदस्य आपके अलावा और किसी की बात मानते कहाँ हैं 🙂
    अच्छा जाग्रत करने का प्रयास !
    मैं खुद को सौभाग्यशाली मानता हूँ कि मुझे इस रचना को सबसे पहले रेटिंग देने का सुअवसर मिला । ( हालांकि कमेन्ट अब दिया है 🙂 )

    • Vishvnand says:

      @Harish Chandra Lohumi
      कमेन्ट के लिए हार्दिक शुक्रिया .
      मेरे बारे में कही बात लगती तो कुछ सही है 😉 पर पूरी सही नहीं. . अभी भी बहुत मेम्बर्स पढी कविता rate नहीं कर रहे और बता भी नहीं रहे कि उनको rate करने में क्या तकलीफ है. Rate करनेवालों में इजाफा हो जाय तो सब मेम्बरों के लिए अच्छा साबित होगा

      जैसा आपने किया वही सही है. पढी कविता पढ़कर तब ही तुरंत rate करना ज्यादा उचित है. कमेन्ट तो जब समय मिले तो तब ही या फिर आकर कविता पर दे सकते हैं जैसा आपने अब किया…..

      • Harish Chandra Lohumi says:

        @Vishvnand, इसे Motivation नहीं तो और क्या कहें सर ! समय मेरे पास कम था और आपने मेरी इस परिस्थिति को उन सभी माननीय सदस्यों के सम्मुख उदाहरण बना प्रस्तुत कर दिया जिनके पास भी कभी कभार समय की कमी होती है । मेरे विचार से सभी माननीय सदस्य भी इसी प्रकार Time Sharing कर अपना बहुमूल्य योगदान दे सकते हैं ।
        हार्दिक धन्यवाद और आभार सर !

  5. sushil sarna says:

    आपकी बात सौ प्रतिशत सही है इसे मैंने भी महसूस किया है-आपकी ये रचना पाठकों में एक जगृति लायेगी-एक पुरानी फिल्म का डायलाग याद आ रहा है कि
    “अगर सुनने वाले कि दिल से वाह न निकले तो कलाकार के दिल से आह निकलती है ”
    इस उपदेशात्मक रचना के लिए अपनी सहमती के साथ हार्दिक बधाई सर जी

    • Vishvnand says:

      @sushil sarna
      आपके इस सुन्दर प्रतिक्रिया के लिए हार्दिक धन्यवाद.
      Rating करने के लिए login करना जरूरी है क्यूंकि सिर्फ मेम्बर्स को ही rating करने का अधिकार है, और यूं भी अपनी रचनाये पोस्ट करने login तो करना ही पड़ता है, जिस समय अन्य रचनाओं पर हम rating भी कर सकते हैं…

  6. siddha nath singh says:

    रेटिंग देने के लिए पहले log on करना होता है जिसके कारण अगर आप log on न कर बस कविता साईट पर पढ़ते मात्र हैं तो कमेन्ट तो दे देते हैं परन्तु स्टार नहीं दे पाते.

    • Vishvnand says:

      @siddha nath singh
      आपका point सही है पर ये इसलिए है कि सिर्फ मेम्बर्स ही कवितायें /poems rate कर सकते हैं . Visiting guests कमेन्ट दे सकते हैं पर Rate नहीं कर सकते.l
      अपनी कवितायें पोस्ट करने के लिए मेम्बर्स को login करना तो होता ही है., इसलिए तब और रचनाएँ पढ़ rating जरूर दे सकते हैं अगर औरों की भी रचनाएँ पढ़ उसे राटिंग देना p4poetry के मेंबर अपनी इक moral duty भी समझें …

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