« »

गणतंत्र दिवस के अवसर पर बधाई !

1 vote, average: 3.00 out of 51 vote, average: 3.00 out of 51 vote, average: 3.00 out of 51 vote, average: 3.00 out of 51 vote, average: 3.00 out of 5
Loading...
Hindi Poetry
 
सतत संकल्प ले, हो कर्म तत्पर, बधाई लीजिये पावन दिवस की.
बसा कर प्रेम अंतस में परस्पर, बधाई लीजिये पावन दिवस की.
 
 प्रगति पथ पर  मराठा सिंध गुर्जर, बढ़ें पंजाब द्राविड बंग उत्कल.
प्रदूषित किन्तु इसमें हो  न गंगा कि जाये शर्म से गंगोत्री गल.
 
 रहे उच्छल तरंगावलि जलधि की भरतवंशी रखें नित ध्यान इसका. 
बुलंदी पर उड़े अपना तिरंगा सतत उत्कर्ष पाए मान इसका.
 

रहे धरती हमारी शस्य श्यामल, मरुस्थल, हों तरुस्थल, ये जतन हो.
जिसे बैरी डरें छूते हुए भी सबल सन्नद्ध यों अपना वतन हो.
 
जिसे पुरखे हमें संभला गए हैं,फले फूले सदा गणतंत्र अपना.
रहे अक्षुणण अपना ऐक्य मित्रों जयति जय भारती हो मन्त्र अपना.
 
बधाई लीजिये पावन दिवस की !
 
रहें कर्त्तव्य रत निस्वार्थ होकर तभी पूरित प्रगति का हो प्रयोजन,
न होगा देश क्या लज्जित बताओ अगर सोया कोई बिन पाए भोजन.
 
है रखनी शांति यदि सारे वतन में तो सबको साथ ले चलना ज़रूरी.
अँधेरा रह गया नीचे दिए के, तो कैसे रौशनी कहलाये पूरी.
 
चले रथ रौशनी का किन्तु ऐसे कोई बस्ती अँधेरी रह न जाये.
बढे धन धान्य,हों संमृद्ध सारे,बनें परमार्थ प्रेरित योजनायें,

 

चलो संकल्प लें, ऐसा न होगा, सभी विकसित सभी सम्पन्न होंगे.
तभी गांधी, जवाहर, भगत, भाभा, रतन अनमोल ये उत्पन्न होंगे.
 
बधाई लीजिये पावन दिवस की. 

 

4 Comments

  1. Vishvnand says:

    रचना अच्छी भावपूर्ण और अर्थपूर्ण है
    पर लय से पढने में दिक्कत हुई. शायद इस दिशा में कुछ सुधार की जरूरत हो ऐसा मुझे लगा ..

  2. Harish Chandra Lohumi says:

    आपको भी गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ !!!

Leave a Reply