« »

… वो अधूरे सपने

4 votes, average: 3.25 out of 54 votes, average: 3.25 out of 54 votes, average: 3.25 out of 54 votes, average: 3.25 out of 54 votes, average: 3.25 out of 5
Loading...
Crowned Poem, Hindi Poetry

wo sapne

सपनों के लम्हों को आज हम संवारने चले,
उस बेजान-बंजर जमीं पर बहार उगाने चले हैं।

ये जानते हैं हम कि मौसम है “पतझड़” का,
फिर भी उम्मीदों का बसंत बसाने चले हैं।।

मालूम हैं हकीकत से दूर खड़े हैं वो,
फिर भी अरमानों का बाजार सजाने चले हैं।

पलभर का भी साथ ना मिला उस “हमसफर” का,
और हम जिंदगी को उनके साथ बिताने चले हैं।।

इन राहों पर उलझे फैसलों को हम सुलझाने चले,
सच को जानते ही नहीं और झूठ को सच बनाने चले हैं।

जिंदगी के सफर में छूटे सपनों के इस ” कारवां ” को,
आज हम फिर संभालकर सुंदर सच बनाने चले हैं।।

इस कविता में हम से तात्पर्य ‘मैं’ है।

anju singh

22 Comments

  1. siddha nath singh says:

    bahut pyari aur pravahmay rachna. paat batate hain ki birva honhar hai.

  2. Harish Chandra Lohumi says:

    अच्छी लगी ! बधाई !!!

  3. Sinner says:

    आप के आशावादी होने की वृत्ति को ये कविता दर्शाती है…
    अच्छी कृति….

    ” उस पथ की पथिक परीक्षा क्या जिस पथ पर बिखरे शूल न हों
    नाविक की धैर्य परीक्षा क्या जब धाराएँ प्रतिकूल न हों…”

    • anju singh says:

      @Sinner,

      जी सर आप ने बिलकुल सही कहा … मैं थोड़ी सी आशावादी हूँ …
      आप का बहुत बहुत धन्यवाद ..

  4. Vishvnand says:

    अति सुन्दर. मनभावन, बहुत खूब
    आपके कविता के अंदाज़ और स्टाइल के हम मानो बन चले मनचले हैं 🙂

    “इन राहों पर उलझे फैसलों को हम सुलझाने चले,
    सच को जानते ही नहीं और झूठ को सच बनाने चले हैं।”…. लाज़वाब और गहन, वस्तुस्थिति का दर्शन …

    • anju singh says:

      @Vishvnand,
      नमस्कार सर जी.
      आप की प्रतिक्रिया का मैं तहे मन से अभिनन्दन करती हूँ…
      बस इसी तरह से यह कृपा बनाये रखना …
      आप का बहुत बहुत धन्यवाद सर जी…

  5. kishan says:

    anju ji bhaut sundar rachna aap ki
    पलभर का भी साथ ना मिला उस “हमसफर” का,
    और हम जिंदगी को उनके साथ बिताने चले हैं।।

  6. naina verma says:

    सुंदर, अति सुंदर है आपकी ये कविता मुबारकवाद

  7. sushil sarna says:

    A beautiful poem with deep sence-badhaaee

  8. rajivsrivastava says:

    itne sunder rachna der se padne ke liye khed hai— anand aa gaya —superb

Leave a Reply