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इक प्रेमभंग …..!

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Hindi Poetry

इक प्रेमभंग …..!


वो एक बहुत ही अच्छी प्यारी लड़की है,

सुशिक्षित, सुन्दर और स्वतंत्र सी,

और मैं उसे मन ही मन

बहुत चाहता सा हूँ,

उसका हरदम भला सोचता हूँ.

उसे देखकर ही बहुत प्रसन्न  रहता हूँ


मुझे कुछ खेद सा हुआ,

जब मुझे ये मालूम हुआ,

कि वो अब किसी एक को चाहने लगी है,

किसी के प्यार में पड़ गयी है,


मन खिन्न और निराश  हो गया,

इसलिए नही कि अब वो किसी को चाहती है,

पर इसलिए कि वो लड़का,

मुझे मालूम है, उसके लायक नही है,

अच्छा पढालिखा भी नही है.


मैं सोचता था, और दिल से चाहता था,

वो प्यार करे, शादी करे,

कोई अच्छे से युवक से,

जो मेरी पहचान में हो,

जो मुझे भी प्यारा सा हो.

और उसके लायक हो.


अब बहुत दुःख हो रहा है,

उतना ही,

जैसे मेरा ही प्रेमभंग हुआ हो.

उस लडके पे बहुत गुस्सा आता है,

जैसे वो मेरा ही प्रतिद्वंदी हो,

जैसे उसने मेरा ही कुछ निर्दयता से,

छीन लिया हो ….!


और मैं उस भोली स्वछन्द बाला को,

ठीक से जानता भी नहीं हूँ,

बस दुआ कर रहा हूँ,

कि उसे ठीक समझ आये,

और दिल से चाहता हूँ,

कि उसका जीवन बहुत सुखी हो.

मैं और कर भी क्या सकता हूँ ….?


इस भावना और प्रेम का क्या नाम है,

इस प्रेमभंग और मेरी इस स्थिति की

क्या व्याख्या है, कुछ समझ नही आ रहा है …..!


” विश्वनन्द “


12 Comments

  1. Sinner says:

    प्रेमद्वंद की स्थिति बन रही है श्रीमान…
    इस परिस्थिति को सदियों से बहुत लोग परिभाषित करने का प्रयास कर रहें है …

    एक अगला कदम आप की कविता है…
    बधाई

    • Vishvnand says:

      @Sinner
      प्रोत्साहनपर आपकी इस प्रतिक्रिया का हार्दिक स्वागत और धन्यवाद …

  2. anju singh says:

    बहुत खूब सर जी,
    यह भी प्यार की एक परिभाषा है.. जो वापस न मिलने पर भी अपने प्यार का भला सोचता है…अच्छी लगी प्यार की यह परिभाषा …
    धन्यवाद सर…

  3. pallawi says:

    bohut mohak pyari si rachna
    padhkr anand aaya!

  4. Harish Chandra Lohumi says:

    एक प्रेम भंग हो रहा है या एक प्रेम जन्म ले रहा है !
    गज़ब का एक प्रश्न जन्म ले रहा है…

    बहुत अच्छी रचना सर ! बधाई !!!

    • Vishvnand says:

      @Harish Chandra Lohumi
      कमेन्ट के लिए बहुत शुक्रिया.
      आपने सही पहचाना कविमन जो है….

  5. chandan says:

    ये पवित्र प्रेम है जो केवल एक अच्छा इंसान करता है हर किसी से, इसकी कोई व्याख्या नहीं.

  6. rajivsrivastava says:

    manbhavan rachna–dil ki baat ka sunder vayakhya

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