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शिकायत मेरी

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Hindi Poetry

शिकायत मेरी

प्रश्न उनके  ।

सुनाना नहीं केवल सुनना है

बोलने की मनाही  ।

तर्क उनके

न्याय उनका 

अदालत उनकी  ।

अपराध उनका

सजा मुझको ।

5 Comments

  1. Vishvnand says:

    बहुत अच्छे
    बहुत खूब कहा
    और ये सब क्यूँ ..
    कि उनको आपसे बहुत प्यार है …

  2. siddha Nath Singh says:

    कविता तुम्हारी
    छोटी सी प्यारी
    मुझे तो सिर्फ पढना है.

  3. renu rakheja says:

    अदालत उनकी, अपराध उनका ,सजा मुझको !
    यही सच है 🙂

  4. Raj says:

    Good one.

  5. pallawi verma says:

    aapki kavitaye kafi alag or bohut strong hoti hai
    liked it !!

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