« »

बंगाल का जादू

1 vote, average: 3.00 out of 51 vote, average: 3.00 out of 51 vote, average: 3.00 out of 51 vote, average: 3.00 out of 51 vote, average: 3.00 out of 5
Loading...
Hindi Poetry

 

पढ़ा था 

बंगाल का जादू

पुस्तकों में I  

 

सुना था

भेड़ बन जाता है मनुष्य

वशीकृत होकर

बंगला रूपसियों के हाथ  I  

 

देखा था

बंगाल का जादू मंच पर

साक्षात्

पी शी शोरकार I  

 

जाना

जब शब्द बना कविता में

भेड़ बना

हत्थे चढ़ा किसी जादूगर के I  

 

हाय, कैद अब

छूटना

बड़ा मुश्किल है

टूटना

बंगाल के जादू का  I  

 

************************

One Comment

  1. Vishvnand says:

    बहुत अच्छे, बहुत खूबसूरत अंदाज़ , बधाई
    बंगाली जादूगर तो बहुत देर बाद जानेगा उसने शब्दों को नही हथियाया बल्कि शब्दों ने है उसे ही वशीकृत किया और पागल बनाया …..

Leave a Reply