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पत्थर बन गया है दिल आज…

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Hindi Poetry

पत्थर बन गया है दिल आज…
रोने की कोई आस नहीं; (१)

जल रहे है हम आज…
फिरभी हालत हमारे बेबस नहीं;(२)

बरसने दो असमान से पानी आज…
पिने की कोई प्यास नहीं;(३)

बदल गयी है दुनिया और…
बदल गए है दुनिया वाले आज…
परायों की तो बात ही क्या करे…
आज तो अपना भी कोई पास नहीं;(४)

साँसे चल रही है आज भी…
पर हर-पल मौत का पैगाम सुनाती है,
जी रहे है हम आज…
पर वजह कुछ ख़ास नहीं;(५)

बदल गया है तू भी कितना…
आईने में अपनी सूरत तो देख,
आँखों मै नमी है और होठों पे हंसी है आज…
पर खुद पे ज़रासा भी विश्वास नहीं;(६)

7 Comments

  1. siddhanathsingh says:

    मैं ये कैसे कह दूँ कि ये अच्छा प्रयास नहीं
    .थोडा और मान्जिये कलम को तो मज़ा दोबाला हो जाये.

  2. prachi says:

    good attempt,,just needs a little furnishing :) keep sharing

  3. kalawati says:

    साँसे चल रही है आज भी…
    पर हर-पल मौत का पैगाम सुनाती है,
    जी रहे है हम आज…
    पर वजह कुछ ख़ास नहीं;(५)
    wah bahut khub kaha hai

  4. vmjain says:

    सिद्ध नाथ सिंह जी से पूर्ण सहमति.

  5. amit478 says:

    Thank you…Will try to present the best ….!

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