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खता

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Hindi Poetry

हो जाती है अक्सर खता हमसे
न पूछे कोई दिल का पता हमसे
हम पूछते हैं के इस खता की
सजा क्या है आखिर
वो कहते हैं सजा नहीं
बस दवा मांग लो हमसे
नहीं कोई हमे प्यारा
इस जहाँ में तुमसे
मांगना ही है तो सजा नहीं
जान मांग लो हमसे
खता तो की है हमने
तुम्हारी खता से प्यार करके
मांगना ही है तो
प्यारी सी एक और
खता मांग लो हमसे

3 Comments

  1. Vishvnand says:

    अच्छी है
    प्यार की सज़ा ही खता है.

  2. ram lal mitai wala says:

    माया जी प्यार की कोई दवा नहीं होती अछी कविता hai…………

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