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अंदाज़ – ए – शायरा

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Hindi Poetry

तेरे दीदार की हसरत लिए
इस दुनिया से जा रहे हैं
एक मुलाकात को तरसते हुए
इस दुनिया से जा रहे हैं
लिखा हो नसीब में
वहीँ (ऊपर) मिलना शायद
इसीलिए, मौत से पहले
इस दुनिया से जा रहे हैं

4 Comments

  1. dr.paliwal says:

    Bahut Khoob…..

  2. Vishvnand says:

    ये बड़ी गलत बात है,
    ऊपर मिलेंगे इसकी कोई गारेंटी नहीं होती,
    इसलिए जो कुछ करना, यहीं करना होता है,
    मौत के पहले जाने की सोचना,
    एक शायर को क्या बेवकूफ को भी
    गंवारा नही होता है
    गुस्ताखी माफ हो, पोस्ट पढने के बाद
    जो दिल ने कहा वही यहाँ लिख दिया है
    गर आपका मतलब जिन्दगी
    मौत सी जीना है,
    तो वो भी बहुत गलत है

    • Neha maya says:

      @Vishvnand, धन्यवाद विश्वानन्द जी, आपके इस comment ने मेरे मार्गदर्शक का काम किया है .

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