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जुदाई………!!!

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Hindi Poetry

दिनभर जिन आँसुऒं को आँखों में छुपाए फिरते हैं…..!
रातभर वो बिस्तर पे टप-टप करके गिरते हैं…..!!

जानते हैं कि अब कभी मुलाकात ना होगी…..!
फिर भी जाने क्यूँ रोज उस रस्ते से गुजरते हैं…..!!

क्या हुआ जो हम उन्हें देख नहीं पाते…..!
हमें मालूम है वो आज भी हमारे लिए सँवरते हैं…..!!

दूर होकर भी वो हमसे दूर कहाँ हैं…..!
पहले बागों में मिलते थे अब यादों मे मिला करते हैं…..!!

कोई कुछ भी कहे, मैं जानता हूँ और खुदा जानता है…..!
वो आज भी हमारे लिए जीते हैं, हम आज भी उनके लिए मरते हैं…..!!

3 Comments

  1. Vishvnand says:

    बहुत बढ़िया और विषय पर बहुत ही सुन्दर रचना.
    जुदाई की भावनाओं का अति मनभावन मधुर और खूबसूरत चित्रण.
    ऐसी रचना के लिए हार्दिक बधाई देते हुए बहुत खुशी.

  2. dr.paliwal says:

    Bahut hi sundar rachna hai…
    Har sher taja tarin hai….
    Maja aa gaya padhkar…..

  3. vmjain says:

    क्या हुआ जो हम उन्हें देख नहीं पाते…..!
    हमें मालूम है वो आज भी हमारे लिए सँवरते हैं…..!!

    mazaa aa gaya, janab. Sabhi sher Bahut man bhaaye.

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