बिग बाज़ार……
कादिर ने छोड़ी क्रिकेट,
घर में जाकर बैठा,
पहली मैच में सचिन तुमने,
उसको ऐसे पिटा,
एक एक कर बन गए,
तुम बड़े विक्रमवीर,
आदर्श माने तुमको अपना,
सहवाग और गंभीर,
नित नए कीर्तिमान हो रचते,
गेंदबाज धुनाई से नहीं बचते,
खिंचके जब तुम छक्का लगाते,
शेनवार्न के सपने में आते,
कद छोटा पर हर कीर्तिमान को,
कर दिया है तुमने क्षीण,
कोई कहता मास्टर ब्लास्टर,
कोई रन मशीन,
हर प्रकार की उपलब्धि के संग,
तुमने शोहरत पा ली अपार,
क्रिकेटर कम लगते हो तुम,
लगते उपलब्धियों के “बिग बाज़ार” …….
14 Comments
DR. ji aapki in paktiyo ka kya kahna
ek dum uchit samay pr likhi gayi hai poem
True tribute to the great cricketer. You seem to be a big fan of Sachin’s ! Very well written.
dr.paliwal Reply:
January 22nd, 2010 at 8:22 pm
@parminder,
Thank U very much Parminder Ji, Yes I M fan of all great peoples…..
Bahut sunder kavitha, Dr. Yogesh.
mere बेस्ट criketer की तारीफ के लिए धन्यवाद …
dr.paliwal Reply:
January 23rd, 2010 at 12:48 pm
@Ravi Rajbhar,
Aapka hi nahi vah duniya ka best hai….


मैं बहुत बड़े सपने देख कर, उन्हें पुरा करने में बहुत बड़ी कोशिश करके आए, अति अल्प परिणामों से भी
बहुत संतुष्ट होनेवाला, विदर्भ के एक छोटेसे गाँव "इटखेडा" से हूँ, जो नक्शल प्रभावित इलाकों में से एक है, जहाँ के लोगों ने आज़ादी के 50 साल बाद पहली बार "सड़क" देखि. 1973 में इसी गाँव में मेरा जन्म हुआ, माँ मुझे सबसे प्यारी है, पिताजी की शालीनता बहुत भाती है, भाईके गुस्से से डरता हूँ, भतीजों से बहुत प्यार करता हूँ, पत्नी का प्यार जीने की आस है. जलगांव मेरी कर्मभूमि है.
तत्कालीन राष्ट्रपति आदरणीय "डॉ. APJ अब्दुल कलामजी" से काफी प्रभावित हूँ, एक कवि का मन रखने वाले "अटलजी" अच्छे लगते है, "स्व. बाबा आमटे" और उनके बेटे "विकास और प्रकाश आमटे" का कार्य देखने के बाद, समाज कार्य का जूनून मुझपर संवार हो गया. जहाँ किसी प्रकार के वाहन नहीं जातें, ऐसी जगहों पर जाकर भी मैंने मरीजों का मुफ़्त में इलाज किया है. उसीकी वजह से लगता है मेरा धरती पर आना सफल हो गया.
कभी कभी जब मै बहुत दुखी या बहुत खुश होता हूँ, बन जाती है कोई शायरी, या कविता, या गीत.
बहुत बढ़िया कविता और प्रशंसनीय काव्य कल्पना
सचिन पर ये आपकी है सुन्दर सेंचुरी जैसी ही रचना .
सच है, सचिन ने लगाया है कितने सारे हज़ार रनों का ये बिग बाज़ार
जिसमे कितनों ने कमाया है स्पोंसरशिप में जाने कितने करोड़ों का माल..
Comment on this comment
dr.paliwal Reply:
January 21st, 2010 at 8:38 pm
@Vishvnand,
धन्यवाद सरजी….
Comment on this comment