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साथ

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Hindi Poetry

अक्सर मुस्कुरा देते हैं वो
अपने गम को छुपाकर
चाहे छुपाये जितना भी हमसे
कर देते हैं बयाँ
उनके अश्क पलकों पे आकर
मानते हैं अपने अश्कों को
बहुत कीमती वो , इसीलिए,
पोंछने से रोक देते हैं हमे
हमेशा अपनी कसम दिलाकर
कहते हैं वो न भुलायेंगे हमे
रहेंगे हम उनकी याद में
हमेशा एहसास बनकर
चलेंगे हम ताउम्र साथ उनके
जियेंगे उनके साथ उनकी सांस बनकर

7 Comments

  1. samju says:

    अच्छी कविता हे कृपया लिखते रहिये

  2. Vishvnand says:

    मनभावन कविता लिए मनभावन भावनाएं
    पढ़कर ये कविता, ये शब्द आये अपने आप प्रतिक्रिया में .
    रचना के लिए हार्दिक बधाई ..

  3. dr.paliwal says:

    बहुत सुन्दर भाव है……
    उतनी ही सुन्दर रचना भी….
    बधाई……

  4. Raj says:

    सुन्दर शब्द, सुन्दर भाव. Nice work Neha.

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