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ख्याल उनका

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Hindi Poetry

हुई शाम के हमे ख्याल उनका सता गया
देकर वो सिलसिला अश्कों का हमे जला गया
कहते थे वो शाम ढले करेंगे याद हमे
पर उनके साथ उनका ये वादा भी चला गया
हुई शाम के हमे ख्याल उनका सता गया

अतीत में सोये हुए से अरमां
सहेज कर दिल में जिन्हें
हुए थे हम जवां
नींद से उनको भी जगा गया
हुई शाम के हमे ख्याल उनका सता गया

किये थे एक दूजे से हमने भी कुछ वादे
भूल गये वो और बदल गये उनके इरादे
वादा आज हमारा फिर से निभा गया
हुई शाम के हमे ख्याल उनका सता गया

उन लबों के अनकहे लफ़्ज़ों को
समझ न पाए हम उनके अश्कों को
मतलब आज उनका हमे समझा गया
हुई शाम के हमे ख्याल उनका सता गया

तडपाती हैं हमे तनहाइयाँ शाम की
करती हैं बेचैन हमे रुस्वाइयां आपकी
बेवजह इलज़ाम हमे देकर चला गया
हुई शाम के हमे ख्याल उनका सता गया

2 Comments

  1. Vishvnand says:

    सुन्दर सी रची हुई आपकी ये रचना,
    और उसे पढ़कर जो हमने महसूस किया,
    जाने क्यूँ पर दिल को बहुत लुभा गया …
    इस रचना के लिए बधाई,
    do keep it up..

  2. Brijesh Chaurasiya says:

    dil ko chhu gai yaar aap ki kavita ……….keep it up

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