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ये शहर है हसीन ख्वाबों का

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Hindi Poetry

तुम हुए हमसफर तो सब बदला

यूँ सुहाना न था सफ़र इतना !१!

साथ उसका मगर कहाँ छूटा

आ गए उसको छोड़ कर फिर भी !२!

शर्त जीने की है कठिन यारों.

रात को बोलना है दिन यारों.

ये शहर  है हसीन ख्वाबों का

बस हकीकत है कुछ मलिन यारों.!३!

शक्लो सूरत न याद है हमको.

फिर भी उनकी मुराद है हमको.

दिल को दिल से मिलेगी राह ज़रूर

आज भी एतिमाद है हमको !४!

हाथ कुछ भी न आ सका यारों.

पास मंजिल के आ थका यारों.

दे के ठोकर ये बेहिसी तोड़ी

मैं हूँ ममनून आप का यारों.!५!

2 Comments

  1. U.M.Sahai says:

    बहुत अच्छी रचना. खास तौर पर ये पंक्तियाँ

    शर्त जीने की है कठिन यारों.
    रात को बोलना है दिन यारों.

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