शादी की बधाई…….
चर्चे थे लन्दन में जब, ‘बिग ब्रदर” में रो आँखे हुई लाल,
और भी मशहूर हुई जब, विदेशी के चुम्बन से भीगे गाल,
एक उद्योगी के सुखी परिवार में, लगाई ऐसे सेंध,
IPL क्रिकेट के मैच में, जैसे करती गूगली गेंद ,
अक्षय ने जब तोड़े रिश्ते, लगी थी दिलपे चोट,
राज के पास में खिंच लाये, शायद उसके नोट,
कैसे फसाया राज को, फेंका कौनसा जाल,
जैसेभी किया हो होगई,अब तो तुम मालामाल,
जिंदगी में अब सहेजना, जो रिश्ता अपनाया,
फिर ना दोहराना वो किस्सा, तू चल और मैं आया,
बस इतनी सी बात है, मुझको अब तुमसे कहना,
तोडके दिल चाहनेवालोंके,अब तुम मजेसे रहना,
सज गई डोली दूल्हा बाराती,बज रही शहनाई,
बनी रहे जोड़ी सलामत, शिल्पा तुम्हे शादी की बधाई…….
11 Comments
बहुत खूब, बहुत अच्छे.
ये तो special tribute है
हर मशहूर अभिनेत्री की जब कोई बड़े शादी की बात होती है,
मुझे अचरज होता है, क्यूंकि मेरा ये समझना और मानना है,
की हर मशहूर अभिनेत्री हरदम वैसे शादीशुदा ही होती है ,
बस यही देखना होता है की ये कितवीं शादी है, और कब तलक (तलाक) है
चाहनेवाले तो बहुत मिल जायेंगे
पर ऐसा बधाई देनेवाला कहाँ मिल पायेगा
क्या जिससे शादी की तुमने
वो भी तुम्हारे ऊपर ऐसी कविता लिख पायेगा
तारीफ लिखनेवाले की सलाह का रहे ध्यान
विश्वनान्दजी के संदेह से दूर रहना
तलाक शब्द तुम्हारी ज़िन्दगी में न आये
घर बसा बसाया रहे शुभचिंतको का यही कहना
Wah..GURU
kya khub kaha hai…puri jivani utar di ..
maja agya…aur ish sunder rachna ke liye hardik badhai..!
Aek achi kavitha, Yogesh.

मैं बहुत बड़े सपने देख कर, उन्हें पुरा करने में बहुत बड़ी कोशिश करके आए, अति अल्प परिणामों से भी
बहुत संतुष्ट होनेवाला, विदर्भ के एक छोटेसे गाँव "इटखेडा" से हूँ, जो नक्शल प्रभावित इलाकों में से एक है, जहाँ के लोगों ने आज़ादी के 50 साल बाद पहली बार "सड़क" देखि. 1973 में इसी गाँव में मेरा जन्म हुआ, माँ मुझे सबसे प्यारी है, पिताजी की शालीनता बहुत भाती है, भाईके गुस्से से डरता हूँ, भतीजों से बहुत प्यार करता हूँ, पत्नी का प्यार जीने की आस है. जलगांव मेरी कर्मभूमि है.
तत्कालीन राष्ट्रपति आदरणीय "डॉ. APJ अब्दुल कलामजी" से काफी प्रभावित हूँ, एक कवि का मन रखने वाले "अटलजी" अच्छे लगते है, "स्व. बाबा आमटे" और उनके बेटे "विकास और प्रकाश आमटे" का कार्य देखने के बाद, समाज कार्य का जूनून मुझपर संवार हो गया. जहाँ किसी प्रकार के वाहन नहीं जातें, ऐसी जगहों पर जाकर भी मैंने मरीजों का मुफ़्त में इलाज किया है. उसीकी वजह से लगता है मेरा धरती पर आना सफल हो गया.
कभी कभी जब मै बहुत दुखी या बहुत खुश होता हूँ, बन जाती है कोई शायरी, या कविता, या गीत.
wah dr sahab…dard mishrit vyangya ki laajawaab prastuti…haardik badhaai.
Comment on this comment
dr.paliwal Reply:
November 25th, 2009 at 11:03 am
@pku31in,
Bahut Bahut Dhanyavaad….
Comment on this comment