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“सतर्कता-संयम-पल-पल-की-प्राथमिकता”

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Hindi Poetry

SednaComparedWithEarth

“सतर्कता-संयम-पल-पल-की-प्राथमिकता”
*****************
सीढियाँ हम चढ़ते-उतरते रहते हैं हर-रोज,
यदि कोई पूछले संख्या उनकी, करने लगते हैं सोच !
इसी प्रकार रोज जाते शौचालय, हल्का करने बोझ,
पहले मूत्र निकलता है या मल, इसका फिर भी नहिं बोध !

ऐसे प्रश्न छोटे-छोटे से कहलाते हैं तर्क-कुतर्क,
साबित ये कर देते हैं, कौन कितना रहता है सतर्क !
मानो यही प्रश्न आजायें, परीक्षा या साक्षात्कार में,
शून्य अंक ही मिल पायेंगे, यदि हम पड़े विचार में !

छोटी-बड़ी दोनों ही बातें, रखती अपना-अपना महत्त्व,
अवसर आने पर दोनों ही दिखाती अपना सम्पूर्ण घनत्व !
हाथी महाकाय होकर भी, चींटी को मार न सकता,
चिपट जायें यदि चींटियाँ उसके, उनको न उतार सकता !

वैज्ञानिक सिद्धांत से है लघुतम-अणु में अथाह ही बल,
कर सकता विकट विनाश, यदि उपयोग में आया आज या कल !
जीवन में सतर्कता-संयम, रखना होगा सदा पल-पल,
नहीं तो कभी भी मच सकते हाहाकार और हलचल !

पृथ्वी समान नहीं कोई भी दीख पाया है गगन में गृह,
शांति, सतर्कता, संयम रखना, बस यही है मेरा आग्रह !
यदि भूलवश हुआ विनाश पृथ्वी का अणु-शक्ति से कभी,
सर्व-शक्तिशाली देशों के संग कालकवल बनेंगे हम सभी !
******************
अश्विनी कुमार गोस्वामी !

10 Comments

  1. Vishvnand says:

    बहुत सुन्दर, मनभावन, सरल चेतावनी और उपदेशपर रचना
    धन्यवाद
    जीवन में सतर्कता-संयम, रखना होगा सदा पल-पल,
    नहीं तो कभी भी मच सकते हाहाकार और हलचल !
    ये सरल सी बात भूल, हमसब कर रहे मनमानी पल पल
    शायद बुला रहें हैं अपनी करतूतों से और बहुत हाहाकार और हलचल

    • ashwini kumar goswami says:

      सदा रहे सहयोग आपका समीक्षा-लेखन क्षेत्र में,
      समुचित और निष्पक्ष प्रशंसा से आते, खुशी के आंसू नेत्र में !
      धन्यवाद ही धन है सदा, इस सारे ही परिपेक्ष में,
      यदि कुछ आलोचनीय हो, करो संकोच न आक्षेप में !
      सादर धन्यवाद !

  2. C K goswami says:

    सतर्कता,संयम और जागरूकता यही मूलमंत्र है कविता का ,जिसमे आप सफल रहे हैं.इसी मूलमंत्र से प्रभावित होकर भारतीय रेल ने नारा दिया है .
    सावधानी हटी–दुर्घटना घटी
    सुन्दर काव्य रचना के लिए साधुवाद.

  3. Panch Ratan Harsh says:

    अत्यंत ज्ञानमयी सन्देश देती यह कविता अवश्य ही कहीं न कहीं प्रभावशाली होगी !
    सतर्कता-संयम की वास्तव में पल-पल, पग-पग पर आवश्यकता है ! उपदेशक
    सन्देश के लिए आप ५-सितारों के अंकन हेतु अनिवार्यतः उपभोगी बनते हैं !
    धन्यवाद !

  4. सतर्कता-संयम ds vrhfUnz; o vykSfdd ykHk Hkh cgqr gSA ‘kq:vkr NksVs ls Hkh gks ldrh gSA vPNk /;kukd”k.k gSA

  5. Raj says:

    अश्विनी जी, बहुत ही अच्छा विषय और बहुत अच्छा सन्देश देती ये रचना, आपकी इस रचना शैली में आपकी महारत दर्शाती है.

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