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” सूनी कलाई “

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Hindi Poetry

” सूनी कलाई ”

एक हसरत थी
कि मेरा एक भाई होता ,
जिसकी सूनी कलाई में
मेरा प्यार होता !
लेकिन हसरत
दिल की दिल में रह गई ,
उसकी सूनी कलाई भी
सूनी रह गई !

– सोनल पंवार

14 Comments

  1. rakesh says:

    kyaabaat hai sonal Jee.> चंद लाइनों mein aapke DilKa Dard simat gayaa hai …लिखते रहिये

  2. rajdeep bhattacharya says:

    a nice poem written by u on the auspicious occasion of Rakshabandhan
    loved it

  3. Ravi Rajbhar says:

    सोनल जी…
    आपने कुछ ही लाइनों बहुत दर्द समेत दिया है …..क्या सच मुच आपका कोई भाई नहीं ?….सोनल मेरी सबसे छोटी बहन जिसका नाम सोना था १० साल की उम्र थी उसकीं तभी भगवन ने हमसे छीन लिया…चाह कर भी हम कुछा न कर पाए…वैसे तो हर वक्त ओ हमारे नजरो पर रहती है. पर रक्षा-बंधन के दिन उसकी सैतानिया और उसका ना होना हमारे दिल की खुशियाँ छीन लेता है…आपकी कविता……………

    • sonal says:

      @Ravi Rajbhar, Thanks for ur comments.
      मैं जब sixth ya seventh class में थी तब मैंने ये कविता लिखी थी ! उस समय मुझे भाई की कमी महसूस होती थी ! लेकिन आज मैं अपनी दीदीयों को ही अपना भाई मानती हूँ ! फिर भी रक्षाबंधन के दिन एक बहन को भाई की और एक भाई को अपनी बहन की कमी खलती ही है ! लेकिन आपका दर्द मुझसे कई ज्यादा है !

  4. medhini says:

    A sweet and painful poem.

  5. Vishvnand says:

    a short sweet poem
    dipped in a deep heartfelt longing

  6. sushil sarna says:

    dont say Sonal you dont have a brother-every member of p4p is having some relation to each other and that is brother-the poem is really heart touching-there are so many persons who dont have sisters and they are also having the same pain- any how beautifully written explaining the pain-

  7. अच्छी रचना है पर अधूरी सी लगती है …

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