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A writer’s blog

मन की उथल पुथल
उसको दर्शाने की कोशिश
सलीके से गड़े कुछ शब्द
जो सिर्फ़ शब्द नही है
छिपाए है स्वयं मे बहुत कुछ
जिसे लिखने वाले ने सहा है
या किसी के लिए महसूस किया है
देख कर अपनी आँखो से
किसी और का दर्द जिया है
और उतार दिया काग़ज़ पर
भर कर अपने शब्दो में .

दर्द ही सिर्फ़ क्यो
कई मुस्कुराते हुए लम्हे,
कहीं से चुराए
और शब्दो मे बरसाए ,
जैसे फिर सारे शब्दो से भी
वो मुस्कुराहट दिखाई
दे रही है और वो सबको
जिंदगी का संदेश दे रही है .

और भी कई रंग हो सकते है
जो शब्दो मे समाए है,
लेखक ने वो सारे रंग
अपने शब्दो मे भर कर
‘ब्लॉग’ पर बिखराए है ,
उसकी सारी रचनाए इसलिए
जिंदगी के इर्द-गिर्द होती है
शब्द शब्द बुनकर गड़ी
हर रचनाए मे किसी की
भावनाए छिपी होती है ,
इनमे कभी जिंदगी हँसती है
कभी जिंदगी रोती है
जो भी हो ये रचनाए
लिखने वाले ने अक्सर
बड़े दिल से लिखी होती है ,
अपने अहसास को
शब्दो मे ढला देख कर
लेखक सुकून पाता है
और सुकून की चाहत मे वो
हर अहसास लिखता जाता है .

2 Comments

बहुत अच्छी रचना .
बिलकुल सही .
ये तो googly है, हमें तो writers ‘ “block” ने फंसाया ये तो ” ब्लॉग ” निकला

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काफी अच्छा लिखा है !

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