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केहना तो बोहत कुछ चाहता था लेकिन …..

केहना तो बोहत कुछ चाहता था लेकिन …..
जुबां पर आते कोई अल्फाज़ नहीं है

अपने जज्बातों को सीधे तुम्हारे दिल तक पहुंचा दू
इतनी भी तर्कश मेरी आवाज़ नहीं है

तो फिर कलम ने गले से शब्दों को उधार लिया
और अपने हाल-ऐ-दिल को कागज़ पर उतार दिया

हाँ मानता हूँ ..के दिल तुम्हारा दूखा तो है ….
तभी को सारी दुनिया थम सी गयी है ,,यह वक़्त आज रुका तो है

पर इस बार गलती सिर्फ मेरी नहीं थी …
मैं अकेला ही आज गुनेहगार नहीं हूँ

बेइरादा कुछ खताएं मुझसे भी हुई ..
पर इन आसुओं सिर्फ मैं जिम्मेदार हूँ

मैं जानता हूँ के वादा किया है जिंदगीभर का
रिश्तों के उतार- चढाव से गुज़रना तो होगा …

पर मैं तुम्हारा हूँ ..तुम्हारा ही रहूँगा
इतना यकीन तुम्हें करना तो होगा

खैर….आज और ज्यादा तुम्हें कोस नहीं सकता
पर दिल में उठे इन सवालों को रोक तो नहीं सकता

क्यों मुस्कुराहटें तुम्हारे चेहरे पर नहीं हैं …
आसुओं ने ले लिया पलकों का किनारा कैसे ……

कभी एक ही चादर को बांटकर ठंड से बचनेवाले हम दोनों के बीच ..
यह हुआ बिस्तर का बटवारा कैसे ..

याद है मुझे वो पल …जब तुमने साथ ज़िन्दगी गुजारने का इरादा किया था
मैंने भी बदले में तुम्हें,, जिंदगीभर हसाने का वादा दिया था

पर फिर भी तुम आज रो पड़ीं

तो यह अब तय हो चूका है के गलती मेरी ही थी …
मैं ही तुम्हें शायद ठीक से समझा ना सका …

तुम्हें कोई गलत फ़हमी नहीं थी..
मैं अपने भावनाओं की सही तस्वीर बना ना सका

तभी तो नींद से जाग उठा अचानक ..तम्हें खो देने के ख्याल भर से घबराया हुआ
मैं देख नहीं सकता तुम्हारा यह चेहरा.. मायूस चुपचाप और मुरझाया हुआ

अब इसे मेरा अहम् समझलो…
या खुदको हमेशा सही मानने का भ्रम ..जिसने मुझे रोक लिया

वरना मैं हाँथ जोड़ कर माफ़ी मांगना चाहता था
केहना तो बोहत कुछ चाहता था …

7 Comments

बहुत ही सुन्दर रचना है राकेश जी …….!!!

आपका स्वागत है !!!

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बहुत बढ़िया …
कहना तो बहुत कुछ चाहता था लेकिन …..
जुबां पर आते कोई अल्फाज़ नहीं है
अपने जज्बातों को सीधे तुम तक पहुंचा दू
इतनी भी तर्कश मेरी आवाज़ नहीं है

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beautifully said

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rakesh Reply:

heyy Thanks renu… And icing On the cake ..This creation Of mine is crowned,,Weell thAts A priced possesion,,,
i hope U have read puraani album,,,My recent Post>>would Like to Know Ur views Abt it

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dhanyawaad sirjee,,,Aapke protsaahan ki humesha zaroorat Hogi..

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बहुत सुन्दर.. मन भावन.. :)

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rakesh Reply:

Thanks mudit fr sharing your experience….and For Those beautiful words

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