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सफ़ेद दाढ़ी काले बाल…………

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Hindi Poetry

कृपया इस गीत को
“स्व.फिरोज खान” साहब की फिल्म कुर्बानी का गीत
“कुर्बानी कुर्बानी कुर्बानी, अल्ला को प्यारी है कुर्बानी…..”
की तर्ज पर पढें और मजा लें…….

सफ़ेद दाढ़ी काले बाल…………

सफ़ेद दाढ़ी काले बाल, वाह रे बच्चन तेरा कमाल,
दाढ़ी तेरी कहती है, सिर पर क्यूँ है काले बाल,
हेयरडाई हेयरडाई हेयरडाई, बालों को काला रखती हेयरडाई……

कड़क है घुसा कड़क जबान, लम्बा कद है तेढी चाल,
“अंगने में क्या काम है” कह्तेही, टिकिट खिड़की पर मची धमाल,
अमितभाई अमितभाई अमितभाई, “अँग्री यंग मेन” की इमेज बनाई…….

कभी “कुली” कभी बनता “डॉन”, कभी “लावारिस” कभी “महान”,
“मुहब्बते” में टक्कर कैसे, दे गया तुझको “शाहरुख़ खान”,
अमितभाई अमितभाई अमितभाई, बुढे “शेर” ने कैसे घास खाई……

कभी “शहंशाह” कभी “नटवरलाल”, कभी “जादूगर” कभी “नमकहलाल”,
बुढापे में जो इश्क लड़ाया, “निशब्द” हो गया सिनेमा हॉल,
अमितभाई अमितभाई अमितभाई, कलाकारी तुने कैसी दिखाई……

सफ़ेद दाढ़ी काले बाल, वाह रे बच्चन तेरा कमाल,
दाढ़ी तेरी कहती है, सिर पर क्यूँ है काले बाल,
हेयरडाई हेयरडाई हेयरडाई, बालों को काला रखती हेयरडाई……

22 Comments

  1. Shyam says:

    hahaha……kya baat hai !!!

  2. Vishvnand says:

    बहुत अच्छे, मज़ा आ गया,
    शायद उनको भी, जिनपर आपने ये है लिखा.
    सफेद दाढी काले बाल,
    इसमें क्या जो हुआ कमाल.
    सोचो जो अब कहते हम,
    जाकर देखो “चीनी कम “

  3. Vishvnand says:

    कविता की क्या बात है,
    Dr साहब मजा आ गया . बहुत बढिया
    लिखा आपने जो कुछ है, मजा आ गया पढ़कर,
    शायद उनको भी आवे जिनपर लिखा ये डटकर,
    सफेद दाढी, काले बाल.
    इसमे क्या है बड़ा कमाल,
    सोचो जो अब कहते हम,
    जाकर देखो “चीनी कम “

  4. Vishvnand says:

    कविता की क्या बात है,
    Dr साहब बहुत बढिया

    लिखा आपने जो कुछ है, मजा आ गया पढ़कर,
    शायद उनको भी आवे जिनपर लिखा ये डटकर,
    सफेद दाढी, काले बाल.
    इसमे क्या है बड़ा कमाल,
    सोचो जो अब कहते हम,
    जाकर देखो “चीनी कम “

  5. Bahut khoob Paliwal Ji…

  6. swapnesh27 says:

    Namaskar Doctor Sahab,

    Kya khoob baat kahi hai aapne… Amitabh ji ko bhi padh kar maza aa jayega…

    Aap unke blog par is kavita ka link kyun nahin de dete… ho sakta hai ki woh padh hi lein…

    Bahut hi mazedaar kavita 🙂

  7. Ravi Rajbhar says:

    Wah..wah..kya bat hai…
    waise i agree with swapnesh ji ..
    ish majedar kawita ka jabab nahi…

  8. krishna says:

    A nice, humorous take on our living legend…

  9. ashwini kumar goswami says:

    “CHALTI KA NAAM GAADI”, “BADHTI KA NAAM DAADHI”,
    “JO CHAL GAYA WO SIKKA” JAISE “HUKAM KA IKKA”,
    “JO BIK GAYA WO BIKKA”, “JO TIK GAYA WO TIKKA”
    “JO DHAL GAYA WO DHALLA”, “kARE BURA YA BHAALLA”,
    “DOCTOR JI DHEERE BOLO, SUNLEGA KOI YE HALLA”
    “KOI MAAR DE NA TALLA, “MAIN APNE GHAR KO CHALLA”
    “GAR AAGAYA WO LAMBOO, UKHDA HAMARA TAMBOO”
    A K GOSWAMI.

  10. vartika says:

    hahah…sahi hai….

  11. Parespeare says:

    wah! Paliwalji
    maza aa gaya
    lovely

  12. ashwini kumar goswami says:

    Dr. Paliwal Ji, To satiate my incomplete comments hereinabove, I have laid
    the completed poem “LIKHO-PADHO-SUNO-SATEEK” among a couple of
    my recent poems of the week, which kindly peruse. a.k. goswami.

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