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रुक मत चला चल……………..

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Hindi Poetry

रुक मत चला चल, निरंतर अविरत अटल…….
साथ है तेरे जन, धन,विद्या,बुद्धि बल,
पथ में कांटे बिछायेंगे,लाख खल हरपल,
डरकर हो मत जाना,हतबल उस पल,
रुक मत, चला चल, निरंतर अविरत अटल……..
जन जन का कर उद्धार,ले समविचार निकाल हल,
किल चुभेगी बदनामी की, तुझे जिस जिस पल,
हो मत जाना,विचलित उस पल,
रुक मत, चला चल, निरंतर अविरत अटल…….
गर काम हो विफल,कर इच्छा दोबारा प्रबल,
रख विश्वास न बढा, मनकी हलचल,
हिम्मत से मुसीबत जाती है टल,हो जाता कार्य सफल,
रुक मत, चला चल, निरंतर अविरत अटल…….

16 Comments

  1. neeraj guru says:

    विचारों की भावपूर्ण कविता.बहुत खूब.

  2. Aashish ameya says:

    योगेश जी, आपकी कविता तो अच्छी है ही, पर आपके विचारों से बहुत प्रभावित हुआ. भगवन हर सफ़र में आपका साथ दें .शुभकामनाये

  3. krishna says:

    Bahut khoob…
    It’s like Agneepath,agneepath,agneepath…

  4. Vishvnand says:

    रचना बहुत सुहावनी और मनभावन
    “सुन्दर सी ये कविता प्यारी, दे जाती है मन को बल,
    प्यार सा बहाव भी इसमे, जैसे नदिया की कल कल ….!.”
    बहुत बधाई

  5. बहुत बढ़िया सर जी …
    शानदार पंक्तिया ….
    किल चुभेगी बदनामी की, तुझे जिस जिस पल,
    हो मत जाना,विचलित उस पल,
    रुक मत, चला चल, निरंतर अविरत अटल…….

  6. shakeel says:

    पालीवाल जी नमस्कार
    सब से पहले मैं ये कहना चाहता हूँ की आपकी हिंदी बहुत अच्छी है
    और फिर मैं ये बता दूं कि ये भी कविता बड़ी अच्छी हुई है आपकी कलम से

  7. Ravi Rajbhar says:

    रुक मत, चला चल, निरंतर अविरत अटल……..
    जन जन का कर उद्धार,ले समविचार निकाल हल,
    किल चुभेगी बदनामी की, तुझे जिस जिस पल,
    हो मत जाना,विचलित उस पल,
    बधाई हो दोस्त….क्या khub likhate हैं आप बस आपके nam से ही कविता का वजन पता चल जाता है….और आज कल आपके kalam से निकले वाली हर लाइन मेरे दिल में बैठ जा रहीं हैं…….एक बहुत ही भावपूर्ण और आत्मविशवास से सराबोर रचना …..बधाई हो …

  8. Preeti Datar says:

    Very inspiring….

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