***पुष्प…***


पुष्प, प्यार का प्रतीक होता है
तकदीर से ये बडा खुशनसीब होता है
हर जशन अधूरा है इसके बिना
हर खुशी,हर गम में ये शरीक होता है
पुष्प प्यार का प्रतीक होता है…..
मन्दिर के द्वार पर
प्रभु के श्रृंगार में
नारी की वेणी में
सेज की मनुहार पर
पुष्प ही तो अजीज होता है
क्योंकि
पुष्प प्यार का प्रतीक होता है…….
मुहब्बत के मधुबन में
सावन की धडकन में
सांसों की सरगम में
बूंदों की रिमझिम में
इसकी महक का वजूद होता है
क्योंकि
पुष्प प्यार का प्रतीक होता है,पुष्प प्यार का प्रतीक होता है….
सुशील सरना

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Comments

Quite liked it…
well written…

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Simple lines so intense
Like the smell of incense…

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