***उदास मन्जर…..***


हर शाम उदास होती है
और भूख साथ सोती है
पत्थरों के बिछोने पर
लोरियों की रोटी है
हरदम टपकते आँख से
वक्त के बेरहम मोती हैं
बदनसीबी फुटपाथ पे
हर करवट साथ होती है
खोफ दिल मे मौत का
होता नहीं इस दुनिया मे
हर घडी जिन्दगी यहाँ
मौत से बदतर होती है, मौत से बदतर होती है…………….
सुशील सरना

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Comments

bahut hi sahi kaha hai aapne.

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क्या खूब कहा आपने

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