मेरा तू दीपक बन जा रे….!


मेरा  तू  दीपक  बन  जा  रे….! 
    (भक्ति गीत)

मैं  कौन  हूँ,  क्या  हूँ,
मुझे क्या  करना  है,
कौन  ये  राह  दिखावे,
अंधियारी  ये   जीवन  राहें ,
तू  दीपक  बन  जा  रे….,
मेरा  तू  दीपक  बन  जा  रे…..!

ज्ञान  मेरा  ना  ज्ञान  है  सांचा,
मोह  लोभ  ने  इसको  फांसा,
अंहकार  के  इस  फंदे  से,
कौन  जो  मुझे  छुडावे,
है  कौन  जो  मुझे  संभाले,
मेरा  तू  दीपक  बन  जा  रे….….!

तेरे  सामने  तेरा  ही  बालक,
तू  है  प्यारा  पालक  मालिक,
मातपिता  सम  मुझे  पास  ले,
सब  मुझको  समझा  रे,
तू  ही  सतज्ञान  दिला  रे…..
मेरा  तू  दीपक  बन  जा  रे…….!

भक्त  तेरा  हूँ,  फिर  भी  प्यासा,
समझ  न  मेरे  कुछ  भी  आता,
दरस  को  तेरे  तरस  गया  हूँ,
आ कर  दरस  दिखा  रे,
तू  आ  मेरी  प्यास  बुझा  रे….
मेरा  तू  दीपक  बन  जा  रे….….!

मैं  कौन  हूँ,   क्या  हूँ,
मुझे क्या  करना  है,
कौन  ये  राह  दिखावे,
अंधियारी  ये   जीवन  राहें ,
तू  दीपक  बन  जा  रे….,
मेरा  तू  दीपक  बन  जा  रे…..!

                             ” विश्व नन्द “

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Comments

Invoking God to guide you…
Light your path and show you.
There’s never an answer,
but asking for the same in subtle prayer…

Liked it VishVnandji…

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“अंहकार के इस फंदे से,
कौन जो मुझे छुडावे,
है कौन जो मुझे संभाले,
मेरा तू दीपक बन जा रे….….!”
bahut hi sundar,vishvnand sir.

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