बरसात की इस रात में
बरसात की इस रात में
कहना है तुमसे बात एक ,
सुन सको तो सुन लो तुम
कहता हूँ तुमसे बात एक ।
बरसात की ये बूँदें आज
बिखरी है देखो तिनकों पर,
चुन सको तो चुन लो तुम
जिसमें दिखे विश्वास एक ।
विश्वास है ये बूंद की
कि वह रहेगी बूँद ही,
जब तक न सिखला दे हमें
प्रेम का नया पाठ एक ।
बरसात की इस रात में
कहना है तुमसे बात एक ॥

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छोठी पर भवों से परिपुर्ण
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