हम तो मस्त हो लिए…..!


(Please see footnote)

हम  तो  मस्त  हो  लिए…..!

हम  है  राही  प्यार  के,   हम  तो  मस्त  हो  लिए,
“नाम”  में  प्रभू  के  हम,   विश्वमन  में  हो  लिए,
“नाम”  में  प्रभू  के  हम,   मस्त  हो  के  जी  रहे……!

चिंता  कुछ  हमें  नहीं,   ना  हैं  हम  अस्वथ  भी,
प्रभू  के  भेजे  काज  हैं,   और  है  पास  वक्त  भी,
प्रेमद्रष्टी  से  ये  सब,   जग  निहारते  चले,
हम  तो  मस्त  हो  लिए,
“नाम”  में  प्रभू  के  हम,   मस्त  हो  के  जी  रहे……!

भक्ति  में  ये  शान्ति  और  मन  में  है  आनंद  सा,
प्रभू  के  “नाम”  का  नशा,   जग  लगे  है  स्वर्ग  सा,
देहबुद्धि  के  परे,   आत्मबुद्धि  से  जुटे,
आत्मज्ञान  में  रमे,
“नाम”  में  प्रभू  के  हम,   मस्त  हो  के  जी  रहे……!

विश्वमन  ही  शक्ति  है,   विश्वमन  ही  ज्ञान  है,
सूक्ष्म  से  अनंत  तक  विश्वमन  ही  व्याप्त  है,
सत्य  शिवम्  सुन्दरम,  विश्वमन  ही  तो  है,
विश्वमन  का  स्पर्श  हम,   भक्ति  में  ये  पा  रहे,
हम  तो  मस्त  हो  लिए,
“नाम”  में  प्रभू  के  हम,   मस्त  हो  के  जी  रहे……!
“नाम”  में  प्रभू  के  यूं,    मस्त  हो  के  गा  रहे…..!

                                                                 ” विश्व नन्द”

(This song, a “bhaktigeet” on Naam, emerged recently, inspired by the beautiful tune of the song ” Ham hai rahi Pyar ke” from film “Nau Do Gyarah” and may kindly be considered as my humble tribute to the Great, Highly Respected Shri Sachin Dev Burman da.)

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Comments

Nice poem . I liked it . Its great imagination to write a
bhaktigeet from the tune of the song Hum Hain Rahi Pyar Ke .

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