उनके आने की खबर सुन——–


उनके आने की खबर सुन ——–

 पक्षी बन गगन में उड़ जाने का

सावन की घटा बन

बरस जाने का

मृग बन उन्मुक्त कुलाचें

लगाने का

सरसों का खेत बन

धरती पर बिखर जाने का

जी करता है

 

कोयल बन मधुर गीत गाने का

चांदनी रातों में यूहीं

छत पर लेटे लेटे

मधुर गीत गुनगुनाने का

कोई लाजवाब शेर बनाने का

कविता बन उनके होठों पर

सज जाने का जी करता है

 उनके आने की खबर सुन

झूम झूम जाने का

महक अपनी लुटाने का

फूल बन राहों में बिछ जाने

का जी करता है —–

 

                                                                         हर्ष शर्मा

 

 

 

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Comments

हर्ष कान्त जी, कविता बहुत ही सुंदर है.
पोस्टिंग में ग़लती से कई बार repeat हुई है.
कृपया, इसे एडिट कर ठीक कर दीजिये

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कविता बन उनके होठों पर

सज जाने का जी करता है….बहुत खूब .
आपकी कविता ने दिल खुश कर दिया

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