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बचपन की यादें

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Hindi Poetry

वह बचपन के दिन क्यों ढूँढता है दिल
वह पुरानी यादें क्यों ताज़ा करता है दिल

वो गर्मी की छुट्टियों में नानी का घर
स्कूल का आखरी दिन, वो ट्रेन का सफर

वो पतली सी गली में आखरी आलीशान मकान
वो गरम गरम समोसे , वो हलवाई की दूकान

घर में मामा , मौसी और बहन भाईयों की चहल पहल
छुपन छुपैयाँ , पिट्हू , बस दिन भर खूब खेल

दीवार फर्लांग के मैदान में खेलें पकड़म पकड़ी
भाई मिल के खेलें क्रिकेट, बहनें खेलें लंगडी

खेलते हुए कभी हो गई खूब जम के लड़ाई
फिर कुछ रोना रुलाना , बाद में भाई भाई

रात में छत पर अन्ताक्षरी , होता गाना बजाना
वही बिस्तर लगाकर ठंडी हवा में तारे गिनना

वह बचपन के दिन क्यों ढूँढता है दिल
वह पुरानी यादें क्यों ताज़ा करता है दिल

8 Comments

  1. Renu Sharma says:

    kiyon ki,
    kitaabon ke beech mai,
    puraane card ke undar,
    dayari ke pannon mai,
    compaas ke saath,
    yaaden jindaa hain.
    krmash…..

  2. Rahul Pathak says:

    Nice poem . Remembered Jagjit Singh song : Magar mujhko lauta do bachpan ka sawan , who kagaz ki kashti voh baarish ka paani .

  3. camil minz says:

    वाह! क्या ही सुंदर रचना है
    आपने तो हमे बचपन में ही लौटा दिया

    इससे बढ़िया शब्दों का सुंदर समावेश कहाँ मिलेगा

  4. geetha says:

    very nice poem…felt like getting cuddled by grandma

  5. VishVnand says:

    Really, a beautifully composed poem, presenting a panorama of child hood, transition to very early teens, & all loving feelings associated with it.
    A poem all can emotionally identify with, remembering loving experiences of their own..
    The answer to the poet’s question is in the beautiful poem itself and its content… bahut khoob…

  6. parikshit says:

    childhood was a fun time
    -:)

  7. nitin_shukla14 says:

    Really Nice Poem, very well Constructed.
    “Bachpan” is something which everybody will wish to be in………
    I also Tried writing on this Topic, Pl have a look whn u can spare sometime.

  8. P4PoetryP4Praveen says:

    वह बचपन के दिन क्यों ढूँढता है दिल
    वह पुरानी यादें क्यों ताज़ा करता है दिल

    रचना है पुरानी फिर भी तरोताज़ा लगती है…
    यादों में खो जाने की इक उम्मीद जगती है… :)

    और 5***** सप्रेम भेंट… :)

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