« »

माँ शारदा की वंदना

1 vote, average: 5.00 out of 51 vote, average: 5.00 out of 51 vote, average: 5.00 out of 51 vote, average: 5.00 out of 51 vote, average: 5.00 out of 5
Loading ... Loading ...
Hindi Poetry

वर दे… वर दे. .. वर दे ।
शतदल अंक शोभित वर दे ।
.
मधुर मनोहर वीणा लहरी,
राग स्रोत की छ्टा है छ्हरी,
कण कण आभा अरुण सुनहरी,
तान हृदय में परिमित गहरी ।
उर में मेरे करुण भाव भर दे ।
वर दे … वर दे .. वर दे ।
शतदल अंक शोभित वर दे ।
.
तरू दल पर किसलय डोले,
पीहूं पीहूं पपीहा बोले,
मलय तरंगित ले हिंडोले,
आशीष शारदा मन पट खोले ।
काव्य किलोल कर मधुरिम कर दे ।
वर दे … वर दे .. वर दे ।
शतदल अंक शोभित वर दे ।
.
द्विज विस्मित कलरव विस्मृत,
सुरभि मंजरी दिगंत विस्तृत,
नाचे मयूर झूमे प्रकृति,
अंब वागेश्वरी संगीत निनादित ।
गीतों में मेरे रस छंद ताल भर दे ।
वर दे … वर दे .. वर दे ।
शतदल अंक शोभित वर दे ।
.
.
कवि कुलवंत सिंह

Leave a Reply